मोबाइल बना जासूस, एक क्लीक और जीवन भर की कमाई साफ; साइबर पुलिस ने दबोचा पूरा गैंग

वाराणसी डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी Trojan और SMS Forwarder Based APK फाइल भेजकर पहले पीड़ित के मोबाइल का पूरा एक्सेस ले लेते थे। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी चोरी कर बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

वाराणसी : जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठगी के एक ऐसे मामले का खुलासा किया हैं जिसे सुनकर आप भी हैरत में पड़ जायेंगे.. पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 42.5 लाख रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने झारखंड के धनबाद जिले से 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से 3 एक ही परिवार के सदस्य हैं और पूरा परिवार ही साइबर फ्रॉड के इस नेटवर्क में शामिल था। अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।

Varanasi cyber fraud Gang

वाराणसी में साइबर फ्रॉड गैंग गिरफ्तार

APK फाइल से कैसे लगा चूना

यह मामला तब सामने आया जब चौबेपुर थाना क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी मदन मोहन मिश्रा ने 8 दिसंबर को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। मदन मिश्रा एक निजी फर्म में अकाउंटेंट हैं। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजी गई थी। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को डाउनलोड किया, उनके मोबाइल का एक्सेस साइबर अपराधियों के हाथ लग गया और धीरे-धीरे उनके बैंक खाते से ₹42.5 लाख की निकासी कर ली गई।

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