ठाणे: अब तक बच्चियां घरों से बाहर सुरक्षित नहीं मानी जाती थीं, लेकिन अब स्कूलों में भी उन पर बुरी नजर डालने वाले आ गए हैं। आम आदमी छोड़िए अब शिक्षकों से भी बच्चियों को खतरा हो सकता है। ताजा मामला भिवंडी से सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को अपने मोबाइल फोन पर छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान मुजम्मिल के रूप में की गई है और उसे बुधवार को गिरफ्तार किया गया। उसकी यह करतूत तब सामने आई जब एक छात्रा ने अपने माता-पिता को इसके बारे में बताया।
(प्रतिकात्मक फोटो)
सातवीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़
शांति नगर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक विनायक गायकवाड़ ने कहा कि हाल में, सातवीं कक्षा की एक छात्रा स्कूल देर से पहुंची। चूंकि वह अकसर देरी से स्कूल आती थी, तो स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उसके माता-पिता को बुलाकर पूछा कि ऐसा क्यों हो रहा है लेकिन उस समय नाबालिग ने उन्हें इस बारे में कुछ नहीं बताया।
अश्लील वीडियो दिखाकर करता था ऐसी हरकत
उन्होंने कहा कि पीड़िता जब घर लौटी, तो उसने अपने माता-पिता को बताया कि जब से शिक्षक ने उसे अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाए हैं और उसके साथ दुर्व्यवहार किया है, तब से उसका स्कूल जाने का मन नहीं करता। उसने कहा कि उसने (शिक्षक ने) कुछ अन्य छात्राओं के साथ भी ऐसा किया था। यह जानने के बाद उसके माता-पिता ने पुलिस से संपर्क किया और शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
अधिकारी ने बताया कि बाद में शिक्षक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला करना या आपराधिक बल का प्रयोग करना) और 351 (आपराधिक धमकी) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।
(इनपुट-भाषा)
