राजस्थान की एक अदालत ने पिछले साल भीलवाड़ा जिले में 14 साल की एक लड़की से सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में सोमवार को दो भाइयों को मौत की सजा सुनाई। अपने गांव में मवेशी चराने के दौरान लापता होने के कुछ घंटों बाद पीड़िता के अवशेष एक ईंट भट्ठे में पाए गए थे। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि आरोपी कालू लाल और उसके भाई कान्हा को अगस्त 2023 में हुए अपराध के लिए पॉक्सो अदालत ने दोषी ठहराया था।
राजस्थान के भीलवाड़ा में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म कर उसे जिंदा जलाया
अदालत ने मामले में सात अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया, विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि बरी किए जाने को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
अदालत ने फोरेंसिक सबूतों पर भरोसा किया जिससे पता चला कि लड़की भट्टी में फेंके जाने से पहले जीवित थी।
जान लें क्या था मामला ? (What is The Matter)
गौर हो कि 14 साल की एक लड़की 2 अगस्त 2023 को उस समय लापता हो गई जब वह खेतों में बकरियां चराने गई थी। आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और उसी रात उसके शरीर को जला दिया उसके परिवार के सदस्यों ने खोजबीन शुरू की और उन्हें लड़की का कंगन और चप्पलें मिलीं, जो आग उगलती एक खुली भट्टी के बाहर पाए गए।
गांव के एक तालाब से आधे जले हुए शरीर के हिस्से बरामद किए गए
पुलिस ने कहा कि एक तलाशी अभियान के बाद, 4 अगस्त को गांव के एक तालाब से आधे जले हुए शरीर के हिस्से बरामद किए गए, जिनके बारे में संदेह है कि ये मृतक के ही हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नाबालिग के शरीर के कुछ हिस्सों को कथित तौर पर भट्टी में जला दिया गया था, जबकि सभी सबूतों को नष्ट करने के लिए अन्य हिस्सों को पास के तालाब में फेंक दिया गया था।
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'दुर्लभ से दुर्लभतम मामला'
इसे 'दुर्लभ से दुर्लभतम मामला' (rarest of the rare case) बताते हुए भीलवाड़ा के एसपी आदर्श सिद्धू ने कहा था कि आरोपियों को मौत की सजा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे,उन्होंने कहा, 'अपराध में दस आरोपी शामिल थे, जिनमें छह पुरुष और चार महिलाएं शामिल थीं।'
