लखीसराय में नीट री-एग्जाम में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश; दूसरे के बदले परीक्षा दे रहे 9 स्कॉलर, 21 बायोमेट्रिक कर्मी समेत 30 गिरफ्तार

बिहार के लखीसराय में आयोजित नीट री-एग्जाम के दौरान बड़े पैमाने पर नकल और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद कुछ परीक्षा केंद्रों पर डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा देने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

Lakhisarai News: बिहार के लखीसराय जिला समाहरणालय स्थित मंत्रणा सभागार में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि 21 जून को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर नीट री-एग्जाम आयोजित किया गया था। प्रशासन के अनुसार, परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर केंद्र अधीक्षक, मजिस्ट्रेट और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह फर्जी उम्मीदवार परीक्षा देने की कोशिश कर रहे हैं।

NEET Re-Exam Scam in Lakhisarai

लखीसराय नीट री-एग्जाम में बड़ा घोटाला उजागर (प्रतीकात्मक फोटो)

नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल

सूचना के आधार पर तत्काल जांच शुरू की गई, जिसके बाद तीन परीक्षा केंद्रों से कुल 9 संदिग्ध स्कॉलर और 21 बायोमेट्रिक कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद सभी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि बायोमेट्रिक कर्मियों की मिलीभगत और सहयोग से डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों के अंदर प्रवेश दिलाया गया। इसके लिए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया और पहचान के लिए नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया।

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