आपराधिक मानहानि को एक अपराध के रूप में आपराधिक कानूनों में बरकरार रखा जाना चाहिए- लॉ कमीशन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 2, 2024, 07:22 PM IST

लॉ कमीशन ने आगे कहा कि प्रतिष्ठा एक ऐसी चीज है, जिसे देखा नहीं जा सकता, केवल अर्जित किया जा सकता है। यह एक ऐसी संपत्ति है, जो पूरे जीवनकाल में बनती है और कुछ सेकंड में नष्ट हो जाती है।

मानहानि मामलों को लेकर लॉ कमीशन ने एक बड़ी सिफारिश की है। लॉ कमीशन ने कहा है कि आपराधिक मानहानि को एक अपराध के रूप में आपराधिक कानूनों तो बरकरार रखा जाना चाहिए।

Law Commission of India

आपराधिक मानहानि पर विधि आयोग की बड़ी सिफारिश

क्या कहा विधि आयोग ने

विधि आयोग ने सिफारिश की है कि आपराधिक मानहानि को भारत में एक अपराध के रूप में आपराधिक कानूनों में बरकरार रखा जाना चाहिए। आपराधिक मानहानि कानून पर अपनी रिपोर्ट में, आयोग ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि प्रतिष्ठा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आता है, और जीवन तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का एक पहलू होने के नाते, इसे मानहानिकारक भाषण और आरोपों के खिलाफ ‘‘पर्याप्त रूप से संरक्षित’’ करने की आवश्यकता है।

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