दिल्ली के कंझावला मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, अंजलि की दोस्त निधि जो हादसे के वक्त उसके साथ थी उसका बयान सामने आया है उसका कहना है कि-लड़की नशे में थी , गाड़ी के नीचे आ गयी, निधि ने कहा कि उसने मेरी बात नहीं मानी , अंजलि ने खुद स्कूटी चलायी, गलती अंजलि की है उसने आगे कहा कि गाड़ी के नीचे अटक गयी थी अंजलि और मैं उसको देख कर डर गयी थी, मैंने डर की वजह से नहीं बताया।
अंजलि की दोस्त निधि ने मीडिया के सामने आकर सारी बात बताई
अंजलि और उसकी लड़ाई के बारे में पूछने पर निधि का कहना है कि हमारी लड़ाई नहीं हुई, हमारी स्कूटी चलाने को लेकर बहस हुई थी,मैं घबरा गयी थी, मैंने पुलिस को नहीं बताया , मैंने घर जाना सही समझा वहीं निधि ने ये भी कहा कि ट्रक से टक्कर होते होते भी बचे, सब कुछ मेरे सामने हुआ है, लड़की ने ड्रिंक कर रखी थी, इसलिए उसकी ऐसे मौत हुई।
She was in a drunken state but insisted on driving the two-wheeler.After being hit by the car,she came under the ca… t.co/bD1aJkSoXC
— ANI (@ANI) Jan 3, 2023
गौर हो कि 31 दिसंबर की रात दिल्ली में हुए कंझावला कांड को लेकर लोगों में गुस्सा है, लड़की को करीब 13 किलोमीटर तक घसीटा गया और नग्न अवस्था में लड़की का शव बरामद हुआ, वहीं अंजलि की दोस्त निधि हादसे के बाद मौके से चली गई और वो मीडिया के सामने आई है और उसने खुलकर बताया है कि हादसे से पहले क्या हुआ था।
पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान या घाव नहीं मिले
वहीं कंझावला केस में मंगलवार को लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट (post mortem report) आ गई है, बताते हैं कि प्रारंभिक मेडिकल जांच में पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान या घाव नहीं मिले हैं, उसकी मौत सिर, रीढ़ की हड्डी और निचले अंगों में चोट लगने के परिणामस्वरूप रक्स्राव होने तथा आघात पहुंचने के चलते हुई।
कोई भी चोट उसका यौन उत्पीड़न होने का साक्ष्य नहीं देती
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि युवती को लगी कोई भी चोट उसका यौन उत्पीड़न होने का साक्ष्य नहीं देती है।सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों का मानना है कि उसके निजी अंगों पर चोट के कोई निशान नहीं हैं।युवती का पोस्टमार्टम सोमवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज परिसर में एक मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किया गया।
'सभी चोटें संभवत: वाहन से हुई दुर्घटना और घसीटे जाने के कारण लगीं'
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा ने रिपोर्ट को उद्धृत करते हुए कहा, 'सिर, रीढ़ की हड्डी, बायीं जांघ की हड्डी और दोनों पैरों में गंभीर चोट पहुंचने के परिणामस्वरूप रक्स्राव हुआ और आघात लगा। सभी चोटें संभवत: वाहन से हुई दुर्घटना और घसीटे जाने के कारण लगीं।'
उन्होंने कहा, 'साथ ही, रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि कोई भी चोट यौन उत्पीड़न का साक्ष्य नहीं देती है। अंतिम रिपोर्ट आने वाले समय में प्राप्त होगी। मामले की जांच जारी है।'
