Agra Parrot: यूपी के आगरा में नौ साल पहले एक घर में दो हत्या होती है, एक महिला की और एक कुत्ते की। हत्या के बाद हत्यारे लूटपाट करते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। इस दौरान हत्यारे सारे सबूत को मिटा देते हैं लेकिन एक गलती कर जाते हैं। उस घर में मौजूद एक तोते को वो जिंदा छोड़ देते है। हत्यारे सोचते हैं कि वो एक तोता उनका क्या बिगाड़ लेगा, लेकिन बाद में इसी तोते ने उनका खेल खराब कर दिया।
आगरा में तोते ने कातिल तक पुलिस को पहुंचाया (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)
क्या है घटना
घर के मालिक का नाम विजय शर्मा था, जो पेशे से पत्रकार से थे और घटना के समय घर से बाहर थे। जब वो घर पहुंचे तो वहां अपनी पत्नी और पालतू कुत्ते को मरा पाया। घर की हालात देखकर वो हैरान रह गए, किसी तरह से अपने को संभाला और पुलिस को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को कब्जे लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
तोते की एंट्री
पुलिस काफी कोशिश की लेकिन हत्यारे का पता नहीं चला। जांच चलती रही, पुलिस भटकती रही लेकिन हत्यारे को कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसी बीच किसी की ध्यान उस तोते पर गया, जो बार-बार हत्या के बाद से मृतिका के भांजे का नाम रट रहा था। बात पुलिस तक पहुंची और फिर तोते की निशानदेही पर पुलिस ने भांजे आशुतोष गोस्वामी को उठा लिया।
कोर्ट की कहानी
पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो भांजे ने सारी कहानी का राज खोल दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिर सबूत जुटाने लगी। इस हत्या के छह महीने बाद मिट्ठू ने दम तोड़ दिया। हालांकि तब तक पुलिस इतना सबूत जुटा चुकी थी कि नौ साल बाद जब फैसले की घड़ी आई तो कोर्ट ने आरोपी को उम्र कैद की सजा सुना दी। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया।
