Faridabad Crime News: दिल्ली बॉर्डर से सटे हरियाणा के फरीदाबाद के शिव दुर्गा विहार-लकड़पुर में चार मंजिला इमारत। बाहर से आम रिहायशी बिल्डिंग जैसी दिखने वाली इस इमारत में 10 फ्लैट हैं। सभी में अफ्रीकन मूल के लोग डबल किराया देकर रह रहे हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि यहां फ्लैट में करोड़ों की ड्रग्स का ठिकाना बना हुआ है। 15-16 सितंबर की रात दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम अचानक यहां पहुंची। टीम ने किचन से लेकर बाथरूम, बेड, सोफा, अलमारी और बैग तक खंगाल डाले। अलमारी और सूटकेस में छिपाकर रखी कोकीन और अन्य ड्रग्स मिली, जिसकी शुरुआती कीमत करीब 15 करोड़ रुपए आंकी गई।
फरीदाबाद में ड्रग्स कारोबार में लिप्त तीन अफ्रीकन नागरिक गिरफ्तार
इमारत के 10 फ्लैट, सभी में अफ्रीकन किराएदार
जिस इलाके में यह बिल्डिंग है, वो वैसे तो फरीदाबाद पुलिस कंट्रोल एरिया में आता है, लेकिन कुछ मीटर की दूरी पर दिल्ली की सीमा शुरू हो जाती है। गुरुग्राम के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी है। जिस इमारत में रेड हुई उसके सभी 10 फ्लैट में नाइजीरिया और दूसरे अफ्रीकी देशों के लोग किराए पर रह रहे थे। इस इलाके में सामान्य तौर पर एक फ्लैट का किराया करीब 15 से 20 हजार रुपए है, जबकि इस बिल्डिंग में करीब 40 हजार रुपए तक किराया लिया जा रहा था। रेड के बाद पुलिस ने बाकी फ्लैट्स में रहने वाले लोगों के दस्तावेज भी जांचे। इनमें से 10 अन्य अफ्रीकी नागरिक मिले। उनके दस्तावेजों की जांच के लिए कागजात फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) भेजे गए हैं।
अंधेरा होते ही स्कूटी से निकलते थे
आसपास के लोगों ने बताया कि यह इमारत सरजीत नाम के व्यक्ति है। जो अभी फरार है और पुलिस को उसकी तलाश है। इस बिल्डिंग में रहने वाले ये विदेशी मूल के लोग दिन के समय सामान्य तरीके से रहते थे। सप्लाई के लिए रात का समय चुनते थे। इसके लिए दिल्ली नंबर की स्कूटी का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि ड्रग्स दिल्ली के रास्ते फरीदाबाद तक पहुंच रही थी। इसके बाद इसे छोटे पैकेट में बांटकर दिल्ली और गुरुग्राम समेत NCR के दूसरे इलाकों में भेजा जाता था। हालांकि ड्रग्स की सप्लाई और नेटवर्क को लेकर पुलिस अभी जांच कर रही है।
1-2 ग्राम की पुड़िया, ताकि शक न हो
पुलिस के मुताबिक आरोपी ड्रग्स को बड़ी खेप में सीधे सप्लाई करने के बजाय 1-2 ग्राम के छोटे पैकेट तैयार करते थे। इससे सप्लाई के दौरान किसी को शक होने की संभावना कम रहती थी। सूरजकुंड का यह इलाका इस काम के लिए सुविधाजनक था। यहां से दिल्ली की सीमा कुछ ही दूरी पर है। गुरुग्राम जाने के लिए भी कनेक्टिविटी आसान है। पुलिस इसी कनेक्शन को ड्रग नेटवर्क की जांच में अहम मान रही है।
अलमारी-सूटकेस में छिपाकर रखी थी ड्रग्स
जिस R-1 फ्लैट में रेड हुई, उसमें सामान बिखरा पड़ा है। पुलिस ने यहां रेड के दौरान एक-एक सामान को अच्छे से खंगाला। बाथरूम, बेड, सोफा, अलमारी और बैग तक देखे। इस दौरान 2.337 किलो कोकीन, 26 ग्राम एम्फेटामाइन, 1.378 किलो संदिग्ध व्हाइट पाउडर और 50 हजार रुपए कैश मिला। ड्रग्स को गत्ते के कार्टन और सूटकेस में पैकेट बनाकर रखा गया था। कमरे में छोटे-छोटे पैकेट और इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी मिला। पुलिस के मुताबिक इन पैकेटों को आगे सप्लाई किया जाना था। पुलिस के अनुसार बाजार में एक किलो कोकीन की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए तक मानी जाती है।
तीन आरोपी, 2018 में भारत आए थे
पुलिस के मुताबिक ड्रग नेटवर्क चलाने वाले आरोपियों की पहचान नाइजीरिया के इफियानी इमैनुएल, बेल जॉन उर्फ एनुडुन इमैनुएल और कैमरून के अमोस ओवी के तौर पर हुई है। ACP अमन यादव के मुताबिक तीनों वर्ष 2018 में भारत आए थे। अलग-अलग जगह रहने के बाद करीब तीन साल पहले फरीदाबाद पहुंचे। पुलिस का कहना है कि यहीं से वे छोटे पैकेट बनाकर NCR में ड्रग्स सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास फिलहाल भारत में रहने से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं हैं। तीनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
अब नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स कहां से आती थी, किन लोगों तक पहुंचाई जाती थी और अब तक कितनी खेप बाजार में खपाई जा चुकी है। साथ ही दूसरे देशों से ड्रग्स की सप्लाई और नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के मुताबिक बिल्डिंग में रहने वाले अन्य विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। दस्तावेज वैध नहीं पाए जाने पर नियमानुसार डिपोर्टेशन की कार्रवाई की जा सकती है।
