'अज्ञात शव से लेकर दाह संस्कार तक...', युवराज मर्डर केस में कोर्ट का सख्त रुख, गुरुग्राम पुलिस को 22 सितंबर तक का अल्टीमेटम

Yuvraj Singh Manchanda Death Case: रियल एस्टेट पेशेवर युवराज सिंह मंडाहा की संदिग्ध मौत के मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। युवराज की बहन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस को आदेश दिया है कि वे बादशाहपुर से मिले अज्ञात शव, उसकी पहचान, पोस्टमॉर्टम, फॉरेंसिक जांच और दाह संस्कार से जुड़े तमाम रिकॉर्ड 22 सितंबर 2026 तक कोर्ट में पेश करें।

Yuvraj Singh Manchanda Death Case: दिल्ली के 31 वर्षीय रियल एस्टेट पेशेवर युवराज सिंह मंडाहा की मौत के मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। युवराज की बहन, जो दिल्ली में दर्ज एफआईआर की मुख्य शिकायतकर्ता भी हैं, की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि वे बादशाहपुर इलाके से मिले एक अज्ञात शव की बरामदगी, पहचान, फॉरेंसिक जांच और दाह संस्कार से जुड़े तमाम रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करें। बाद में इस शव की पहचान युवराज के रूप में हुई थी।

Yuvraj Singh Manchanda Case

कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस से मांगे सारे सबूत और रिकॉर्ड

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 के तहत दाखिल की गई इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ किया कि 22 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक सारा रिकॉर्ड कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके बाद इन सभी सबूतों को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी (IO) को सौंप दिया जाएगा। युवराज की बहन ने लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था।

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