हाथी-इंसान के संघर्ष को थामेगा 'इनोबॉक्स', AI डिवाइस इंसानी बस्तियों से दूर रखेगी गजानन; PTR में टेस्टिंग शुरू

झारखंड में हाथियों को इंसानी बस्तियों और खेतों से दूर रखने के लिए आधारित डिवाइस 'इनोबॉक्स' विकसित किया गया है। इस डिवाइस के लगने से किसानों की फसलें बर्बाद होने से बचेंगी।

रांची : झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक 18 वर्षीय युवा ने नई उम्मीद जगाई है। रांची के रहने वाले अवि मोहन कुमार शुक्ला ने एक कम लागत वाला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिवाइस 'इनोबॉक्स' विकसित किया है, जो हाथियों को इंसानी बस्तियों और खेतों से दूर रखने में बेहद कारगर साबित हो सकता है। यह डिवाइस वर्तमान में पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) में परीक्षण के दौर से गुजर रहा है, जिसके परिणाम 80 से 85 प्रतिशत तक सटीक पाए गए हैं।

AI-based device to mitigate human elephant conflicts in Jharkhand

हाथी-इंसान के संघर्ष को रोकने के लिए 'इनोबॉक्स' लगाये जा रहे (फोटो-PTI)

डार और AI कैमरों से लैस 'इनोबॉक्स'

'इनोबॉक्स' की सबसे बड़ी खासियत इसकी तकनीक है। यह सोलर-पावर्ड डिवाइस भूकंपीय सेंसर (seismic sensors), रडार और AI कैमरों से लैस है। पारंपरिक उपकरणों के विपरीत, जो अक्सर गलत अलार्म बजाकर ग्रामीणों को परेशान करते थे, यह डिवाइस केवल हाथियों जैसे बड़े जानवरों के आने पर ही सक्रिय होता है। अवि मोहन ने बताया कि IIM रांची के 'यंग चेंज मेकर' प्रोग्राम के दौरान रसाबेड़ा गांव में फसलों के नुकसान को देख उनके मन में इस डिवाइस का विचार आया। उन्होंने इसका एक प्राथमिक वर्शन वहां लगाया था, जिससे 35 किसान परिवारों को सीधा लाभ मिला।

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