कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को घुसपैठ के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरा। कानपुर के बिठूर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का विरोध करते हैं, जबकि अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों के पक्ष में खड़े होते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने बोला सपा पर हमला। (फोटो- pti)
सीएम योगी ने अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उन्हें बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों से इतनी हमदर्दी क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान भी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की कोशिश की गई, जिससे गरीबों के अधिकार प्रभावित होते हैं।
राशन और जमीन पर कब्जे को लेकर भी लगाए आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अवैध रूप से आने वाले लोगों के लिए राशन कार्ड बनवाए जाते हैं और गरीबों के लिए निर्धारित राशन का लाभ उन्हें दिलाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में गरीबों, किसानों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े हालात खराब थे तथा बाहरी लोग जमीनों पर कब्जा कर लेते थे, लेकिन अब उनकी सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाया है। उन्होंने लोगों से सपा के राजनीतिक दावों पर भरोसा न करने की अपील भी की।
उत्तराखंड पर अखिलेश की टिप्पणी से बढ़ा राजनीतिक विवाद
सीएम योगी आदित्यनाथ की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों को लेकर दिए गए बयान पर विवाद जारी है। लखनऊ में हाल ही में अखिलेश ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े घुसपैठिये उत्तराखंड से आए हैं। इसे उत्तराखंड में जन्मे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाने के तौर पर देखा गया। इस बयान के बाद उत्तराखंड में बीजेपी और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। कई जगहों पर सपा प्रमुख के पुतले भी जलाए गए।राम मंदिर और अयोध्या के विकास का भी उठाया मुद्दा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आगे सपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी दोबारा सत्ता में आती है तो प्रदेश में पहले जैसा हिंसा और अव्यवस्था का माहौल लौट सकता है। रामायण में भगवान राम और निषादराज की मित्रता का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि यह संबंध सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि सपा और कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण तथा अयोध्या के विकास में बाधाएं पैदा की थीं, जबकि बीजेपी सरकार ने अयोध्या सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया है। सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्टी की पहचान दंगों, भ्रष्टाचार, परिवारवाद और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ से जुड़ी रही है।
1931 के कानपुर दंगों का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में वर्ष 1931 में हुए दंगों का उल्लेख करते हुए पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या को याद किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी निर्दोष हिंदुओं को बचाने के प्रयास में मारे गए थे। मुख्यमंत्री ने बीजेपी विधायक राहुल बच्चा सोनकर के पिता की भी दंगाइयों द्वारा हत्या किए जाने का दावा किया।
सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं का किया ब्योरा
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 65 लाख गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने और आयुष्मान भारत योजना से 10 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की बात भी उन्होंने कही। इतना ही नहीं, उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश के दो करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को दीपावली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की भी बात कही।
बिठूर के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्रह्मावर्त घाट और महर्षि वाल्मीकि के आश्रम का विकास कराया गया है। इसके अलावा 1857 के विद्रोह से जुड़े नाना साहेब पेशवा और तात्या टोपे की स्मृति में स्मारक भी बनाया गया है। कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कानपुर की बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों में 411 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 21 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
