किताबों के बीच शौर्य की गूंज; विश्व पुस्तक मेले में दिखा भारतीय सेना का जीवंत स्वरूप

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 53वां विश्व पुस्तक मेला इस वर्ष पुस्तकों के साथ-साथ देशभक्ति और सैन्य गौरव का जीवंत अनुभव प्रस्तुत कर रहा है। भारतीय सेना को समर्पित इस आयोजन में हथियारों, इतिहास और वीरता की कहानियां लोगों खासतौर पर युवाओं और बच्चों को गहराई से आकर्षित कर रही हैं। “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और ज्ञान @ 75” थीम के जरिए यह मेला नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और बलिदान के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

Delhi News: यह दृश्य किसी बॉलीवुड फिल्म का नहीं, बल्कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 53वें विश्व पुस्तक मेले की सजीव झलक है। यहां भारतीय सेना के एक युद्ध वाहन के पास खड़ा सशस्त्र स्नाइपर मुस्कान के साथ लोगों के खासतौर पर बच्चों के सवालों के जवाब देता है, उनके साथ यादगार सेल्फी खिंचवाता है और हथियारों की कार्यप्रणाली समझाता है। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वह किसी को भी राइफल छूने की अनुमति सख्ती से नहीं देता। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस वर्ष का विश्व पुस्तक मेला हमारे वीर सैनिकों को समर्पित है। मेले की थीम “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और ज्ञान @ 75” रखी गई है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से जेनरेशन जेड के बीच देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना और उन्हें भारत के सैन्य गौरव से परिचित कराना है।

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500 से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित

यह विषय हमारी सशस्त्र सेनाओं के अदम्य साहस, समर्पण और बलिदान की गौरवशाली परंपरा को सम्मानपूर्वक नमन करता है। हॉल नंबर 5 में फैला लगभग 1,000 वर्ग मीटर का थीम पवेलियन दर्शकों को चारों ओर से आकर्षक और भव्य अनुभव प्रदान करता है। यहां 500 से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित हैं, जिनमें सैनिकों की बहादुरी, संघर्ष और जीवन के अनुभवों का सजीव वर्णन मिलता है। इसके साथ ही विशेष रूप से डिजाइन किए गए पोस्टर और प्रेरणादायक वृत्तचित्र आगंतुकों को गहराई से प्रभावित करते हैं। अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस के सुंदर मॉडल, तथा 21 परमवीर चक्र सम्मानित वीरों की तस्वीरों से सजी फोटो गैलरी भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

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