बेटी का नाम ट्विशा शर्मा हो, दीपिका, ज्योति या कुछ और... इससे क्या ही फर्क पड़ता है। बेटी आपकी हो, मेरी हो या किसी और की, इस बात से भी कोई फर्क नहीं पड़ता। मुद्दा बेटियों की सुरक्षा का है। फिर चाहे ससुराल में होने वाले घरेलू अत्याचार (Domestic Violence) हो या सड़कों पर होने वाली छेड़छाड़ और देश में अक्सर सुनने को मिलने वाली बलात्कार की घटनाएं हों। सबसे जरूरी बात तो माता-पिता होने के नाते हमें अपने बच्चों को सिखानी चाहिए वह है शिकायत करना। अगर कुछ भी गलत हो रहा है तो उन्हें शिकायत करना आना चाहिए और उसके बाद उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि शिकायत कहां करनी है।
बेटियों के लिए सबसे बड़ा हेल्पलाइन नंबर...
जैसा कि हमने ऊपर कहा, बेटी चाहे किसी की भी हो। अगर वह दिक्कत में है तो उसे मदद की जरूरत है। अगर वह मदद के लिए पुकार रही है तो हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी उस समय उसके पास जल्द से जल्द पहुंचने की और उसे सुनने की है। आपकी हो या हमारी, हम सबकी बेटी का पहला और सबसे बड़ा हेल्पलाइन नंबर 980123... यानी वो है, जो आपकी जेब में है। जी हां, किसी भी तरह की परेशान में बेटी सबसे पहले अपने माता-पिता को ही मदद के लिए पुकारती है। इसलिए जब भी बेटी पुकारे, सब कुछ छोड़कर तुरंत उस तक पहुंचें और उसकी समस्या का निवारण करें।
बेटी को ये नंबर याद करा दें
भले आपकी बेटी शादीशुदा हो या नहीं, अपनी बेटी को तीन डिजिट का ये नंबर याद करवा दें। नेशनल वुमन हेल्पलाइन नंबर 181 बेटी के फोन पर सेव करके रखें। साथ ही उन्हें बताएं कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत इस नंबर पर कॉल करें।
राष्ट्रीय महिला आयोग की Helpline
अपने घर की बेटी और अन्य महिलाओं को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का हेल्पलाइन नंबर भी याद करवाएं। क्योंकि किसी भी तरह की समस्या होने पर राष्ट्रीय महिला आयोग के इस हेल्पलाइन नंबर - 14490 पर कॉल करने से हो सकता है आपकी बेटी तक आपसे पहले NCW की टीम पहुंच जाए और उन्हें सही समय पर सही मदद मिल जाए।
महिला हेल्पलाइन नंबर
आपकी बेटी चाहे हॉस्टल में रहती हो, चाहे स्कूल-कॉलेज जाती हो या ससुराल में हो। उन्हें वुमन इन डिस्ट्रेस Helpline Number 1091 जरूर पता होना चाहिए। आपकी बेटी देश में जहां भी होगी, अगर उन्हें किसी तरह की दिक्कत है तो वह इस नंबर पर कॉल करके अपनी स्थिति के बारे में बता सकती है और उन्हें तुरंत मदद पहुंचेगी।
ये नंबर तो हर किसी को याद होना चाहिए
Helpline Number 112 तो हर किसी को याद होना चाहिए। यह पुलिस का नंबर है और किसी भी तरह की परेशानी होने पर स्थानीय पुलिस तुरंत आपकी बेटी तक पहुंच जाएगी और उन्हें किसी भी तरह की मुसीबत से निकाल सकती है।
नेशनल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर
अगर आपके बच्चे छोटे हैं, फिर चाहे वह लड़की हो या लड़का... उन्हें नेशनल चाइल्ड हेल्पलाइन नबंर 1098 जरूर याद करवा दें। क्योंकि हो सकता है जिस समय वह दिक्कत, परेशानी में हों, उस वक्त आप उनके साथ न हों। ऐसे में वह Child Helpline Number 1098 पर कॉल करके अपने लिए मदद मांग सकते हैं।