दिल्ली में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार अब जागरूकता से लेकर शिकायत के ऑनलाइन निस्तारण तक पूरी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली महिला आयोग की बैठक में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में खास तौर पर ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था को आसान बनाने, कॉलेजों में साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने, POCSO कानून की जानकारी देने और पात्र किशोरियों तक HPV टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया गया।
दिल्ली में महिलाओं की Online शिकायतों पर फोकस
सबसे अहम बदलाव ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था में किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, यौन शोषण और उत्पीड़न जैसी शिकायतों के लिए महिलाओं को ऐसी ऑनलाइन व्यवस्था मिलनी चाहिए, जहां वे आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें और शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी उन्हें मिलती रहे। आयोग की शिकायत व्यवस्था को महिलाओं की जरूरत के हिसाब से और अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कॉलेजों में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान
कॉलेजों में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महिला आयोग को निर्देश दिया कि कॉलेजों में जाकर छात्राओं को साइबर ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, ऑनलाइन उत्पीड़न और दूसरे साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए जाएं। साथ ही किसी साइबर अपराध का शिकार होने पर शिकायत कहां और किस तरह दर्ज करनी है, इसकी भी जानकारी दी जाए।
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POCSO कानून को लेकर भी स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता बढ़ाई जाएगी। बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए उपलब्ध प्रावधानों की जानकारी देने के लिए अभियान चलाने पर जोर दिया गया है। सरकार का फोकस यह है कि किसी तरह के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में बालिकाओं को मदद और शिकायत की व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी हो।
HPV वैक्सीन को लेकर भी बढ़ेगी जागरूकता
बैठक में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वंचित और जरूरतमंद वर्ग की पात्र किशोरियों तक निःशुल्क HPV टीकाकरण की जानकारी और सुविधा पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए महिला आयोग को संबंधित विभागों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने और जरूरतमंद परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने को कहा गया है।
वन स्टॉप सेंटरों की भी होगी समीक्षा
महिलाओं को संकट के समय सहायता देने वाले वन स्टॉप सेंटर यानी सखी केंद्रों और महिला आश्रय एवं देखभाल संस्थानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए उनके दौरे करने पर भी जोर दिया गया। इन केंद्रों में महिलाओं को चिकित्सा, काउंसलिंग, कानूनी सहायता और पुनर्वास जैसी सुविधाएं प्रभावी तरीके से मिल रही हैं या नहीं, इसकी समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा सिर्फ शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जागरूकता, अपराध की रोकथाम, तत्काल सहायता और शिकायत के समयबद्ध निस्तारण—हर स्तर पर महिला आयोग की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। बैठक में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता, आयोग के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
