हादसा नहीं हत्या! अजमेर में पूर्व सरपंच और परिवार की मौत पर सनसनीखेज खुलासा, ऐसे हुआ रिश्तों का खूनी अंत

राजस्थान के अजमेर जिले में हुए चार लोगों के सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी और उनके परिवार की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के ही सदस्यों ने मिलकर की थी। घरेलू प्रताड़ना और लगातार हो रहे विवादों के बीच इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

Ajmer News: राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र स्थित श्रीरामपुरा गांव में हुए बहुचर्चित चार हत्याओं के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां पूसी देवी, दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्यों ने मिलकर की थी। पुलिस के अनुसार, इस वारदात को रामसिंह की पहली पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटे ने अंजाम दिया। गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे श्रीरामपुरा रोड पर एक कार में आग लगने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान गाड़ी के अंदर तीन शव बरामद हुए, जबकि रामसिंह की दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी का अधजला शव सड़क किनारे खेत में पड़ा मिला। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई थी।

Ajmer Murder Case

अजमेर में घरेलू कलह से जन्मी खौफनाक साजिश

पुलिस जांच में क्या खुलासा हुआ?

अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले में पहली पत्नी सुनीता को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआत में यह घटना एक हादसा प्रतीत हो रही थी, लेकिन पुलिस की गहराई से की गई जांच और पूछताछ के दौरान पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दूसरी शादी के बाद रामसिंह अपनी पहली पत्नी और बच्चों के साथ लगातार दुर्व्यवहार करता था। वह अक्सर शराब के नशे में मारपीट करता था। वहीं, नाबालिग बेटे को घर और खेत तक सीमित रखा जाता था और उसे बाहर आने-जाने की भी आजादी नहीं थी।

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