Vinesh Chandel bail: IPAC (Indian Political Action Committee) के निदेशक और सह-संस्थापक विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। खास बात यह रही कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी जमानत का विरोध नहीं किया। जानकारी के अनुसार, विनेश चंदेल को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में IPAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को जमानत, ED ने नहीं किया विरोध
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ईडी की ओर से जमानत का कोई विरोध नहीं किया गया है। जांच अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि विनेश चंदेल ने जांच में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने स्वेच्छा से एजेंसी को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई, जिसके चलते ईडी ने उनकी जमानत का विरोध नहीं किया।
इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने विनेश चंदेल को जमानत प्रदान की। इस फैसले को उनके लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है।
जमानत देते हुए कई शर्तें
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमानत याचिका का विरोध नहीं किया। बहरहाल, न्यायाधीश बंसल ने जमानत देते हुए कई शर्तें भी लगाई हैं। वहीं, विस्तृत आदेश का इंतजार है।
बता दें कि इससे पहले 14 अप्रैल को अदालत ने ईडी को चंदेल से 10 दिनों तक हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी थी और कहा था कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि वह अपराध से अर्जित कई करोड़ रुपये की आय, हेरफेर आदि से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे। बता दें कि ईडी ने चंदेल को 13 अप्रैल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।
