Varanasi Waterlogging: वाराणसी में बारिश के बाद हुए जलजमाव को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।शहर के मेयर अशोक तिवारी ने बड़ी साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि वाराणसी के कुछ इलाकों में जानबूझकर सीवर की मेन पाइपलाइन को जाम किया गया। इसके लिए पाइपलाइनों के भीतर बालू, पत्थर और लकड़ी के बुरादे से भरी बोरियां डाली गईं। नगर निगम का दावा है कि इसकी वजह से बारिश का पानी निकल नहीं पाया और गलियों में भयंकर जलभराव हो गया। नगर निगम का यह भी मानना है कि यह सब प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने के किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
वाराणसी में सीवर लाइन के अंदर मिलीं बालू-पत्थर से भरी बोरियां
इन इलाकों में फैला था गंदा पानी
मेयर अशोक तिवारी के अनुसार, बारिश के दौरान कुछ इलाकों में सीवर लाइन जाम होने के कारण जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई। जिसके कारण शिवाला, नगवां और सरायनंदन समेत करीब आधा दर्जन प्रमुख मोहल्लों की सड़कों और गलियों में सीवर का गंदा पानी भर गया था। जलजमाव के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। वहीं जलभराव की तस्वीरें वायरल होने के बाद वाराणसी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए और काफी किरकिरी हुई थी। जिसके बाद नगर निगम की ओर से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई गई है।
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भेलूपुर थाने में FIR और सीसीटीवी जांच शुरू
मामले को लेकर जलकल विभाग की ओर से वाराणसी के भेलूपुर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को खंगाला जा रहा है, ताकि उन असामाजिक तत्वों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
