Varanasi News: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से हो जाएंगे। नवरात्रि का समापन 7 अप्रैल 2025 को नवमी की पूजा के साथ होगा। नवरात्रि से पहले वाराणसी नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। वाराणसी मेयर अशोक तिवारी की अध्यक्षता में 27 मार्च को हुई थी नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में मीट, मछली और मुर्गी की दुकानों को लेकर फैसला लिया गया है। फैसले के अनुसार, नवरात्रि के दौरान नगर निगम सीमा क्षेत्र में आने वाली सभी मीट और मछली की दुकानें बंद रहेंगी। वाराणसी के मेयर ने इस नियम का सख्ती से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला
श्रद्धालुओं की भावना को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला
धार्मिक नगरी काशी की परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया गया है। नगर निगम ने साफ किया है कि अगर कोई दुकानदार इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। काशी को सनातन संस्कृति का केंद्र माना जाता है, जहां नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना बड़े धूमधाम से होती है। ऐसे में इस आदेश को श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं के सम्मान में लिया गया निर्णय बताया जा रहा है।
जनवरी में भी जारी किया था मांस और मछली के बैन का आदेश
इससे पहले नगर निगम ने जनवरी में ऐसा आदेश जारी किया था। नगर निगम ने काशी विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब मंदिर से दो किलोमीटर के क्षेत्र में किसी भी तरह की मांस-मछली की दुकान खोले जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय दुकानदारों ने इस फैसले का विरोध किया है। इस संबंध में नगर निगम ने दुकानदारों को नोटिस भी भेजा था, जिस पर दुकानदारों ने आपत्ति जताई थी। नोटिस में यह कहा गया था कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन दुकानों का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है और इनमें कोई लाइसेंस भी नहीं है। इसके अलावा, इन दुकानों में साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा गया था। वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने बताया था, "पिछले साल सदन और कार्यकारिणी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में कोई भी मांस या मांसाहारी उत्पादों की दुकान नहीं होनी चाहिए।"
(इनपुट - आईएएनएस)
