Varanasi Crime News : वाराणसी में किशोरियों को हीरोइन बनाने के सपने दिखाकर देकर उनके साथ गंदा काम करने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दंपती के साथ एक और शख्स काम करता था उसे भी पुलिस ने दबोचा है। दरअसल, ये लोग बच्चियों का सौदा आर्केस्ट्रा संचालकों के साथ करते थे। जिन्हें रोहनिया थाने की पुलिस टीम ने पकड़ा है। तीनों को पकड़ने के बाद पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो जांच में हैरान कर देने वाली बातें सामने आईं।
आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। (प्रतीकात्मक फोटो)
आरोपियों की पहचान परमानंदपुर के चंदन सोनकर व उसकी पत्नी राधा सोनकर और मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी राजू सोनकर के तौर पर हुई है। तीनों के पास से पुलिस ने दो किशोरियां बरामद की है।
घर से भागी थीं बच्चियां
रोहनिया इलाके के केशरीपुर और भुल्लनपुर की दो छात्राएं अप्रैल में घर से भाग गई थीं, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटीं। केशरीपुर की किशोरी ने अपनी मां के नाम पत्र लिखकर वहां छोड़ा था जिस पर लिखा था कि मां परेशान मत होना, अब कुछ बनकर ही लौटेंगे। ये देखकर घरवालों के होश उड़ गए थे। उसकी काफी खोजबीन की गई इसके बाद भी उसका पता नहीं लगाया जा सका। तब स्वजन ने परेशान होकर रोहनिया थाने में तहरीर दी। तभी पुलिस ने पूरा मामला दर्ज किया और तलाश शुरू की। बताया गया है कि दोनों ही हाईस्कूल की छात्राएं थीं। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की।
पुलिस को ऐसे मिली कामयाबी
रोहनिया थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि सोमवार रात पूरी टीम गश्त पर थी। देर रात उन्होंने मिल्की चक मोड़ पर दो किशोरियों और उनके साथ में एक महिला व दो पुरुषों को देखा। तभी पुलिस टीम उनसे पूछताछ करने लगी। बाद में पता चला कि ये दोनों वो किशोरियां ही थीं जो कि 19 अप्रैल से लापता चल रही थीं। पुलिस ने तत्काल सभी को थाने पहुंचाया और पूछताछ शुरू कर दी। तब लड़कियों के गायब होने के रहस्य से पर्दा उठा।
हीरोइन बनाने के जाल में फंसाते थे
पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की तब दंपती सहित तीनों आरोपियों ने अपना मुंह खोला। उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया के जरिए किशोरियों को हीरोइन बनाने का प्रलोभन देते थे। इससे बच्चियां आसानी से उनके जाल में फंस जाती थीं। इसके बाद किशोरियों को अपने पास बुलाकर वे उनका सौदा आर्केस्ट्रा संचालकों को कर देते थे। बरामद दोनों लड़कियां ने भी उनकी बात को सही बताया। आरोपी दंपती ने कुबूल किया कि आर्केस्ट्रा संचालकों से सौदा तय नहीं हुआ, इसीलिए किशोरियों को वे मिर्जापुर ले जा रहे थे कि इसी दौरान पुलिस आ गई और तीनों पकड़े गए।
