Uttar Pradesh Nagar Nikay Chunav 2023 : उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जोरों-शोरों से प्रचार में जुटी हुई हैं। पार्टी को हर क्षेत्र में रिकॉर्ड जीत दिलाने का जिम्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के कंधों पर है। इसी कड़ी में सीएम योगी सभी जिलों का दौरा कर धुआंधार प्रचार करने में जुटे हुए हैं। काशी- परिक्षेत्र के नेता और भाजपा प्रवक्ता नवरत्न राठी ने जानकारी देते हुए बताया है कि आगामी 28 अप्रैल को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) और फिर उसके बाद 30 अप्रैल को सीएम योगी पार्टी का प्रचार करने के लिए वाराणसी आएंगे।
जनसभा करने के लिए वाराणसी आएंगे सीएम योगी। (सांकेतिक फोटो)
बीजेपी ने अशोक तिवारी पर जताया है भरोसा
वाराणसी की मेयर सीट भारतीय जनता पार्टी के लिए बेहद प्रतिष्ठित मानी जाती है। इस बार पार्टी ने इस सीट से अशोक तिवारी को मैदान में उतारा है। अशोक तिवारी इस समय काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री भी हैं। अशोक काफी वक्त से भाजपा से जुड़े हुए हैं। 2014 लोकसभा चुनाव के समय काशी में पीएम मोदी की रैलियां के आयोजन का जिम्मा भी संगठन ने इन्हीं को सौंपा था। विधानसभा चुनाव में उन्हें वाराणसी की साउथ सीट से काफी मजबूत दावेदार माना गया था, लेकिन तत्कालीन समीकरणों को देखते हुए पार्टी ने विधायक नीलकंठ तिवारी को पुन: मौका दिया था। इसके ठीक बाद से ही अशोक तिवारी को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
सवर्ण चेहरों के बीच मुकाबला
ऐसा माना जा रहा है कि वाराणसी में अबकी मेयर पद के लिए कांटे की टक्कर होगी क्योंकि भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों प्रमुख दलों ने वाराणसी से सवर्ण प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। जहां एक ओर भाजपा ने अशोक तिवारी, सपा ने डॉक्टर ओपी सिंह तो वहीं, कांग्रेस ने अनिल श्रीवास्तव को अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि वाराणसी में चुनाव पहले चरण में चार मई को होने हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निकाय चुनाव के सियासी चक्रव्यूह को भेदने के लिए ही बीजेपी ने ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट दिया है।
