Varanasi News : वाराणसी में गंगा के किनारे होने वाले उत्तर और दक्षिण मिलन के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मोदी मौजूद होंगे। प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी आए दक्षिण भारतीयों से बातचीत करेंगे और उनके साथ पुरातन काशी के महात्म्य पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी काशी के गंगा पुष्कर मे कुछ लोगों से बातचीत करेंगे। बता दें कि राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने पीएम मोदी को इस कार्यक्रम में शरीक होने का न्योता भेजा था। तीन मई तक गंगा पुष्कर का आयोजन होगा और इसमें केंद्र और प्रदेश के कई बड़े नेता शामिल होंगे।
29 अप्रैल को वर्चुअली जुड़ेंगे पीएम मोदी। (सांकेतिक चित्र)
वहीं, 29 अप्रैल को मोदी उन सभी लोगों से बात करेंगे जो काशी तेलुगु समिति के सदस्य हैं। ये संवाद वर्चुअल तौर पर होगा, जो कि मानसरोवर घाट पर रखा जाएगा जहां पर पीएम मोदी भी कार्यक्रम जुड़ेंगे। खास बात ये है कि इस पूरे कार्यक्रम में आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल के नागरिक भी शामिल हो सकेंगे। बता दें कि गंगा पुष्कर के जिस कार्यक्रम में पीएम मोदी वर्चुअली तौर पर शरीक होने वाले हैं उसके लिए एक लिंक जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोग पूरा कार्यक्रम देख और सुन सकेंगे। इसमें दक्षिण भारत के कई युवा और बाल कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन भी करेंगे। अब केवल पीएम के प्रोटोकॉल और इवेंट के ऑफिशियल लेटर का इंतजार हो रहा है।
आज महाआयोजन का पांचवा दिन
दक्षिण भारत के लोगों को उत्तर भारत की परंपरा और संस्कृति से जोड़े रखने का आज पांचवा दिन है। दिन के हिसाब से आज श्रद्धालुओं ने पिंडदान किया है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विगत एक से दो दिनों में स्पेशल ट्रेनों से हजारों श्रद्धालु वाराणसी जंक्शन और बनारस स्टेशन पर उतरे। वहीं, बहुत हैदराबाद और चेन्नई के अलावा दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों के बहुत से ऐसे श्रद्धालु भी थे जो कि फ्लाइट्स से वाराणसी पहुंचे थे।
इन घाट पर हो रहे हैं कार्यक्रम
तीर्थ पुरोहित और कई अन्य लोगों ने बताया है कि आज बड़ी तादाद में लोग घाट पर पहुंचे हैं। हनुमान, मानसरोवर, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध केदारघाट, पंचगंगा, चौकी घाट और शंकराचार्य घाट पर अनुष्ठान किए जा रहे हैं। पूजन के दौरान शिवलिंग की स्थापना की जा रही है और उसके बाद रुद्राभिषेक, दान और तर्पण किया जा रहा है।
