Dalmandi Road Widening: श्री काशी विश्वनाथ धाम तक सुगम मार्ग बनाने के लिए वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में बुधवार से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बाजार की शुरुआती पुरानी दुकानों को हथौड़ों की मदद से गिराया जा रहा है। चूंकि यह गली काफी संकरी है, इसलिए यहां जेसीबी या बड़े उपकरणों का उपयोग संभव नहीं है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्य को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे।
डालमंडी सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण शुरू (फोटो: ANI)
इसके बाद वाराणसी प्रशासन ने क्षेत्र का सर्वे कराया और भवनों की निशानदेही पूरी की। दालमंडी में अब 650 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने बताया कि केवल उन्हीं भवनों को तोड़ा जा रहा है, जिनके मालिकों को मुआवजा दिया जा चुका है और बैनामा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब तक तीन से चार संपत्ति मालिक मुआवजा प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि मुआवजा केवल भवन मालिकों को ही दिया जा रहा है। वहीं, जिन किरायेदारों ने रजिस्ट्रेशन के बाद प्लॉट लेकर खुद निर्माण कराया है, उन्हें उनके निर्माण कार्य के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जा रहा है।
प्रवेश द्वार के पास की पुरानी दुकानों को हटाया गया
एडीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य बुधवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। पहले चरण में प्रवेश द्वार के पास स्थित पुरानी दुकानों को हटाया जा रहा है, जबकि मकानों को फिलहाल नहीं तोड़ा जा रहा है। आगामी चरणों में भवनों पर कार्रवाई की जाएगी। चूंकि गली बहुत संकरी है, इसलिए यहां जेसीबी मशीनों का उपयोग संभव नहीं है। इसी कारण दुकानों को तोड़ने के लिए हथौड़े और ड्रिल मशीनों की मदद ली जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे प्रभावित लोगों को मुआवजा मिलेगा, वैसे-वैसे यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।
लगभग 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी मौके पर मौजूद
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडीसीपी गौरव वंशवाल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम तैनात की गई है। लगभग 100 से अधिक पुलिसकर्मी और एक कंपनी आरएएफ की मौके पर मौजूद है। क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे इलाके की निगरानी रखी जा रही है। संपूर्ण क्षेत्र का सर्विलांस पूरा करने के बाद ही ध्वस्तीकरण कार्य प्रारंभ किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों का पालन करते हुए की जा रही है, और यदि कोई व्यक्ति इस कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
215 करोड़ की है दालमंडी परियोजना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दालमंडी परियोजना लगभग 215 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 181 भवनों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। योजना के अंतर्गत लगभग 650 मीटर लंबी और 60 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें 30 फीट चौड़ी मुख्य सड़क के दोनों ओर 15-15 फीट चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। इस परियोजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने हेतु एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग तैयार करना है, ताकि भीड़ का दबाव नियंत्रित रहे और भक्त बिना किसी परेशानी के बाबा विश्वनाथ के दरबार तक पहुंच सकें। इसके साथ ही, दालमंडी क्षेत्र में एक टूरिस्ट कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी है। इस कॉरिडोर के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यहां हथकरघा और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को बढ़ावा देकर उन्हें बड़ा बाजार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
