वाराणसी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति राधा कृष्णन शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने नाटकोटक्षेत्रम की धर्मशाला का उद्घाटन किया। यह धर्मशाला भूमाफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर बनाई गई है। उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति विशेष विमान से शाम करीब पांच बजे पहुंचें, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एयरपोर्ट पर साढ़े तीन बजे पहुंच गए थे। दोनों नेताओं ने बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के बाद धर्मशाला का उद्घाटन का उद्घाटन कर जनता को सौंपा।
वाराणसी में 10 मंजिला धर्मशाला का उद्घाटन
आलीशान धर्मशाला की खासियत
जानकारी के मुताबिक, इस आलीशान धर्मशाला में 140 एसी कमरे हैं, पूर्वांचल के सबसे बड़े धर्मशाला के रूप में देखा जा रहा है। धर्मशाला का उद्घाटन समारोह 31 अक्टूबर को सुबह साढ़े आठ बजे वैदिक विद्वानों द्वारा पूजन के साथ हुआ। इसमें श्रद्धालुओं के लिए तीन वक्त मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई है। उद्घाटन के बाद, नवंबर से श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा शुरू हो जाएगी। समारोह में यूपी और तमिलनाडु सरकार के मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने पार्किंग, सुरक्षा और अन्य तैयारियों की समीक्षा की है और ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। धर्मशाला में 174 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।
उपराष्ट्रपति का किया स्वागत
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सी.पी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनने पर काशी की धरती पर स्वागत और अभिनंदन करता हूं। कहा कि आज का कार्यक्रम इस बात का स्मरण करती है कि वाराणसी की पावन नदी गंगा और तमिलनाडु की कावेरी नदी एक ही है, भाषा अलग हो लेकिन भारत की आत्मा एक ही है। उपराष्ट्रपति वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पधारे हैं, जहां एक तरफ यह धर्मशाला लोगों को अपने यहां ठहराएगी। वहीं, काशी और तमिलनाडु के सम्बन्धों को भी स्थापित करेगी।
सीएम ने कहा बाबा विश्वनाथ और रामेश्वरम एक ही हैं। भगवान श्री राम और भगवान शिव के सम्बन्धों को आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया। 200 साल पहले इस समिति द्वारा भगवान शिव की पूजा अर्चना और सेवा के लिए बनाई गई थी। जब हमें पता चला कि कुछ समय पूर्व से यहां किसी ने अतिक्रमण किया था तब हमने स्थानीय प्रशासन से खाली कराया गया।
