Gyanvapi ASI Survey Updated News: कोर्ट से मंजूरी के बाद ASI ज्ञानवापी का सर्वे कर रही है, इसी बीच हिंदू और मुस्लिम पक्ष की तरफ से मंदिर और मस्जिद को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, अब व्यास परिवार के सदस्य ने भी ज्ञानवापी को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं, गौर हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद ज्ञानवापी परिसर में ASI यानी भारतीय पुरतत्व विभाग की टीम सर्वे कर रही है, 5 जुलाई को किए गए सर्वे में मंदिर के अवशेष मिलने का दावा किया जा रहा है।
वहीं हिंदू पक्ष के वकील का कहना है कि एक-दो दिन के अंदर ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) आने वाला है,इसके बाद सब कुछ साफ हो जाएगा, रिपोर्ट तैयार की जा रही है,हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन का दावा है कि सावन में शिवभक्तों को खुशखबरी मिलेगी।
'बीजेपी एक नरेटिव सेट करेगी'
उधर, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि ASI की रिपोर्ट आने पर बीजेपी एक नरेटिव सेट करेगी,हमें डर है कि कहीं 23 दिसंबर या 6 दिसंबर जैसी घटनाएं न हो जाएं, हम नहीं चाहते कि बाबरी मस्जिद जैसे मामले और खुल जाएं।
वहीं हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने सर्वे के लिए परिसर में प्रवेश करने से पहले संवादाताओं से कहा कि तीसरे दिन का सर्वे कार्य शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सर्वे के लिए डीजीपीएस समेत कई मशीनों का इस्तेमाल किया गया था, उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने रविवार को तीसरे दिन ज्ञानवापी परिसर में पुरातात्विक सर्वेक्षण का काम शुरू किया। इस बीच, मुस्लिम पक्ष ने सर्वेक्षण को लेकर झूठी खबरें प्रसारित किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रक्रिया से अलग होने की चेतावनी दी।
सरकारी वकील राजेश मिश्रा ने बताया- "एएसआई ने रविवार को लगातार तीसरे दिन सर्वे कार्य शुरू किया। सर्वे टीम सुबह आठ बजे ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुई। सर्वे का काम शाम पांच बजे तक चलेगा। दोपहर में दो घंटे का भोजन अवकाश होगा।"
इस मामले पर हिंदू पक्ष ने क्या कहा
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने सर्वे के लिए परिसर में प्रवेश करने से पहले संवादाताओं से कहा कि तीसरे दिन का सर्वे कार्य शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सर्वे के लिए डीजीपीएस समेत कई मशीनों का इस्तेमाल किया गया था और रविवार को रडार का उपयोग किए जाने की संभावना है। त्रिपाठी के मुताबिक, हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्ष अब तक किए गए सर्वे से संतुष्ट हैं।
मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा
इस बीच, ज्ञानवापी मस्जिद की रखरखावकर्ता अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने बताया कि सर्वे को लेकर उच्चतम न्यायालय का आदेश आने के बाद मुस्लिम पक्ष दूसरे दिन के सर्वेक्षण में शामिल हुआ और आज भी उसके वकील सर्वे में मौजूद हैं, लेकिन सर्वे को लेकर जिस तरह की बेबुनियाद बातें फैलाई जा रही हैं, अगर उन्हें नहीं रोका गया तो मुस्लिम पक्ष सर्वेक्षण का फिर से बहिष्कार कर सकता है। यासीन ने आरोप लगाया कि शनिवार को सर्वे के दौरान मीडिया के एक वर्ग ने अफवाह फैलाई कि मस्जिद के अंदर तहखाने में मूर्तियां, त्रिशूल और कलश मिले हैं, जिससे मुस्लिम समाज आहत है। उन्होंन कहा कि अगर इस तरह की हरकतों पर लगाम नहीं लगी, तो मुस्लिम पक्ष एक बार फिर सर्वे का बहिष्कार कर सकता है।
उच्चतम न्यायालय ने गत शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के एएसआई सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इससे पहले, उच्च न्यायालय द्वारा इसी मांग को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका को खारिज किए जाने के बाद शुक्रवार को परिसर में सर्वे की कार्यवाही शुरू की गई थी। सर्वे के पहले दिन मुस्लिम पक्ष ने इसका बहिष्कार किया था।
