Boating in Varanasi: वाराणसी के गंगा घाटों पर फिर से रौनक लौट आई है। गंगा के जलस्तर में कमी आने के साथ ही नौका संचालन शुरू हो गया है। दरअसल, बाढ़ की वजह से पिछले 70 दिनों के बाद नावों का संचालन बंद था। लेकिन अब जिला प्रशासन ने शर्तों के साथ नौका संचालन की इजाजत दी है। प्रशासन के इस फैसले का नाविकों ने स्वागत किया है।
वाराणसी गंगा में बोटिंग शुरू
नाविकों के प्रशासन के फैसले का किया स्वागत
वाराणसी आने वाले श्रद्धालु और सैलानी, गंगा की गोद में बैठकर घाटों का दीदार करना चाहते है। लेकिन पिछले ढाई महीनों से सैलानियों की ये तमन्ना अधूरी रह गई थी। वजह, गंगा में आई बाढ़। जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण घाट पानी में डूब गए थे। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने छोटी और बड़ी नावों के संचालन पर रोक लगा दी थी। जिसके कारण पिछले 70 दिन से नावें ,घाटों पर खामोश खड़ी थी। नाविकों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था। साथ ही वाराणसी आने वाले सैलानियों को भी मायूसी हाथ लगती थी।
प्रशासन ने शर्तों के साथ दी इजाजत
पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में कमी देखने को मिल रही थी। जलस्तर स्थिर होने के बाद नाविक नौका संचालन की मांग कर रहे थे। मंगलवार को नाविकों की जिला प्रशासन के साथ बैठक हुई। इसके बाद जिला प्रशासन ने शर्तों के साथ नाव संचालन की इजाजत दी। फैसले के अनुसार सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक गंगा में नावें चलेंगी। छोटी-बड़ी सभी नावों पर लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य होगा। नावों पर क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
