Uttarkashi Rescue: उत्तरकाशी जिले के ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद अलग-अलग ट्रैकिंग रूट और बेस कैंपों पर कई ट्रैकर, पर्वतारोही और सपोर्ट स्टाफ फंसे हुए हैं। इन लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को औडेन कॉल पास के बेस कैंप में फंसे पांच लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में 46 लोगों के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
136 लोग अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौजूद
अधिकारियों के मुताबिक, जैसे-जैसे मौसम अनुकूल हो रहा है, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं। जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस समय 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं। इनमें 89 लोग उच्च हिमालयी अभियानों (High-altitude expeditions) का हिस्सा हैं। वहीं 18 लोग कालिंदी पास बेस कैंप और 29 लोग औडेन कॉल पास बेस कैंप में हाई-एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के तहत मौजूद हैं।
डीएम ने सुरक्षा व्यवस्था के दिए निर्देश
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने ट्रैकिंग रूट और बेस कैंप पर मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने अधिकारियों को ट्रेकर और पर्वतारोहियों के लिए पर्याप्त मात्रा में राशन, पैक्ड फूड और पीने के पानी की व्यवस्था करने को भी कहा है। इसके अलावा किसी आपात स्थिति के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, आसपास के इलाकों में मेडिकल टीमें, जरूरी दवाएं और एंबुलेंस तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
SDRF, NDRF समेत कई टीमें अलर्ट
बचाव अभियान के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), पुलिस, नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) और वन विभाग की टीमें भी अलर्ट पर हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र सैटेलाइट संचार के जरिए एक्सपीडिशन गाइडों के लगातार संपर्क में है। ट्रैकिंग रूट पर मौजूद लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। मौसम में सुधार होते ही अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जाएंगे।
