Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है। सरकार का कहना है कि इस पहल से महिलाएं स्वरोजगार, लघु उद्योग और अन्य आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ को भी अगले वर्ष से और व्यापक रूप दिया जाएगा।
उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन मिलेगा
सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 में शुरू हुई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में राज्य के सभी 95 विकासखंडों में कुल 4,480 स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की करीब 12.50 करोड़ रुपये की बिक्री हुई है।
अब इस उत्सव को रक्षाबंधन से जोड़ते हुए अगले वर्ष से रक्षाबंधन के 15 दिन पहले शुरू किया जाएगा। यह आयोजन पूरे पखवाड़े तक चलेगा। इसका उद्देश्य महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को गांव और घर की सीमाओं से निकालकर बड़े बाजार तक पहुंचाना और उन्हें उचित मूल्य दिलाना है।
सरकार का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता देने के साथ उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार उपलब्धता पर भी जोर दिया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार देने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं को सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने के लिए राज्य में वन स्टॉप सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, सरकार के अनुसार समान नागरिक संहिता (UCC) के जरिए भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को मजबूती मिली है। सरकार ने महिला आर्थिक सशक्तिकरण को विकसित उत्तराखंड की आधारशिला बताते हुए इन पहलों को आगे बढ़ाने की बात कही है।
