उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ग्रामीणों का चौखुटिया से देहरादून तक मार्च, 25 साल बाद भी सपनों का उत्तराखंड एक सपना

उत्तराखंड का गठन हुए 25 साल हो गए हैं। अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने इतने वर्षों बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ताहाल व्यवस्था के खिलाफ 300 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू की है। ग्रामीणों की मांग है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती और बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएं। इस आंदोलन ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।

उत्तराखंड राज्य को बने 25 वर्ष का समय पूरा होने को है और अवसर पर राज्यभर में जश्न की तैयारियां चल रही है। इधर अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ता हालत को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चौखुटिया से लगभग 300 किलोमीटर लंबी पदयात्रा मार्च देहरादून के लिए निकाली गई है। ग्रामीणों की मांग है कि चौखुटिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की जाए और बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएं।

Chaukhutiya CHC

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर देहरादून मार्च

'अस्पताल बचाओ, डॉक्टर दो' आंदोलन से उठे सवाल

अल्मोड़ा जिले में यह आंदोलन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन 'स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करो, डॉक्टर दो, अस्पताल बचाओ' के नारे के साथ शुरू हुआ था। आंदोलन को उस समय व्यापक समर्थन मिलना शुरू हुआ, जब एक आंदोलनकारी की सेहत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ गई। यह विरोध प्रदर्शन राज्य में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की गंभीर स्थिति को उजागर करता है।

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