Uttar Pradesh Weather Alert: मानसून के सक्रिय होने से अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों और उनके आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं जिलों तथा उनके आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गयी।
यूपी में रेड अलर्ट
बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना
आईएमडी के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सर्वाधिक 174 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा बहेड़ी (बरेली) में हुई, इसके बाद मुसमरी (बिजनौर) में 160 मिमी, कालीनगर (रामपुर) में 152.4 मिमी और पुवायां (शाहजहांपुर) में 150.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आने वाले मजबूत मानसूनी प्रवाह के कारण उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है और इस दौरान अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिणी भागों में जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 21 जुलाई से 25 जुलाई तक दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और जालौन में भी भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और आंधी-तूफान आने का अनुमान है।
204.2 मिलीमीटर बारिश हुई
ऐसे में IMD ने जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है, जिससे उमस भरे मौसम से राहत मिल सकती है। सोमवार व मंगलवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी मंडलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस मानसून में अब तक राज्य में सामान्य 266.2 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 204.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं 20 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 33 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
