उत्तर प्रदेश में आज का मौसम (21 Jan 2026): उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड के बीच मौसम अब एक नया रुख अपनाने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की हालिया जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिनका प्रभाव खासतौर पर मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज़ बारिश, गरज के साथ बिजली चमकने और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ तापमान में गिरावट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर आम जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
यूपी का मौसम
इस दिने से शुरू होगा बारिश का पहला दौर
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 22 जनवरी से प्रदेश में बादलों की सक्रियता बढ़ने लगेगी, जिसके साथ ही बारिश का पहला चरण शुरू होने की संभावना है। 23 जनवरी को इसका प्रभाव सबसे अधिक रहने की उम्मीद है, जब कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमक सकती है। यह मौसम परिवर्तन 24 जनवरी तक बना रह सकता है। बारिश के कारण जहां ठंड में इजाफा होगा, वहीं दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और शाम के वक्त ठिठुरन और गलन और तेज़ हो सकती है।
इन जिलों में IMD का अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है, उनमें सहारनपुर, शामली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर और संभल शामिल हैं। इसके अलावा बरेली, पीलीभीत, बदायूं, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, फर्रुखाबाद, हरदोई, आगरा, कन्नौज, एटा, औरैया, उन्नाव, कानपुर देहात और जालौन भी अलर्ट की सूची में हैं। साथ ही लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, लखनऊ, बस्ती, अयोध्या, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी और बहराइच में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ के तापमान का पूर्वानुमान
| दिन | अधिकतम तापमान (°) | न्यूनतम तापमान (°) |
| बुधवार | 28 | 12 |
| गुरुवार | 27 | 11 |
| शुक्रवार | 29 | 12 |
| शनिवार | 29 | 14 |
26 जनवरी को कैसा रहेगा यूपी का मौसम?
पहले चरण की बारिश के बाद भी प्रदेशवासियों को मौसम से राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी से बारिश का दूसरा सिलसिला शुरू हो सकता है, जिसके चलते गणतंत्र दिवस के आसपास भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने से धूप कम निकलेगी, जिससे ठंड और गलन का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने की लोगों से अपील
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस बदलाव की मुख्य वजह हैं। इसका असर रबी की फसलों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि अधिक बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है। आम लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान बेवजह यात्रा न करें, खुले इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के खतरे से सतर्क रहें और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचनाओं पर लगातार नजर बनाए रखें।
