दिल्ली : आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में ई20 ईंधन मिश्रण कार्यक्रम लागू किया, ताकि अमेरिका से बड़े पैमाने पर एथनॉल का आयात किया जा सके। केजरीवाल ने अगले विधानसभा चुनाव में गोवा और उत्तर प्रदेश के लोग भारतीय जनता पार्टी को वोट न दें। फिर देखो रिजल्ट आते ही E20 नीति को कैसे वापस लेते हैं। वरना ऐसे चिल्लाते रहिए ये आपकी बात कभी नहीं सुनेंगे।
'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि सरकार ने बुनियादी ढांचे को उन्नत किए बिना और मौजूदा वाहनों की अधिक एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन के प्रति अनुकूलता को सुनिश्चित किए बिना ई20 नीति को जबरन लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार डोनाल्ड ट्रंप के दबाव का सामना नहीं कर पा रही है। अमेरिका दुनिया में एथनॉल का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन वह अपने पूरे उत्पादन की खपत नहीं कर पा रहा है। अमेरिकी एथनॉल की मांग पैदा करने के लिए भारत को ई20 नीति लागू करने और अमेरिका से यह पदार्थ आयात करने के लिए मजबूर कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने ई20 नीति के खिलाफ देशभर में ऑनलाइन टाउन हॉल का आयोजन किया है और एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की है। गोवा में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से इस मुद्दे को जोड़ते हुए केजरीवाल ने मतदाताओं से भाजपा को हराने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में झटका लगने पर केंद्र सरकार ई20 नीति वापस लेने के लिए मजबूर हो जाएगी। केजरीवाल ने कांग्रेस की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस को वोट देने से इस नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा।
केजरीवाल ने दावा किया कि भारत ने पिछले साल अमेरिका से एक अरब लीटर एथनॉल का आयात किया था और इस साल पांच अरब लीटर एथनॉल आयात किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति का उद्देश्य अमेरिका के अतिरिक्त एथनॉल के लिए बाजार तैयार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने भी पूरे देश में ई20 ईंधन लागू नहीं किया है और वहां बड़े पैमाने पर कम एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन का ही इस्तेमाल हो रहा है।
आप नेता ने कहा कि सरकार ने 2022 में ई20 नीति की घोषणा करने के बाद इसे लागू करने के लिए केवल तीन साल का समय दिया, जो उनके अनुसार ईंधन भंडारण सुविधाओं, परिवहन अवसंरचना और वाहनों में बदलाव के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ’’पेट्रोल पंपों को नए तरीके से तैयार नहीं किया गया, भंडारण टैंकों को उन्नत नहीं किया गया, तेल टैंकरों में बदलाव नहीं किए गए और सड़कों पर चल रहे लाखों वाहन ई20 ईंधन के अनुकूल नहीं हैं। इसके बावजूद सरकार ने इसे पूरे देश में लागू कर दिया।
उन्होंने दावा किया कि एथनॉल पेट्रोल से महंगा है और इससे वाहनों का माइलेज भी कम मिलता है। उन्होंने इस नीति के औचित्य पर सवाल उठाया। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित करीब 30 करोड़ वाहन, जिनमें लगभग 22 करोड़ दोपहिया वाहन और आठ करोड़ कारें शामिल हैं, ई20 ईंधन पर चलने के लिए तैयार नहीं किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ई30 और ई40 जैसे अधिक एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने की तैयारी कर रही है। केजरीवाल ने लोगों से पेट्रोल और डीजल वाहनों की खरीद को कुछ समय के लिए टालने की अपील की।
