UP Rajya Sabha Chunav 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चुनाव आयोग द्वारा 16 अक्टूबर को मतदान की तिथि तय किए जाने के बाद से ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
यूपी में राज्यसभा की रेस तेज (फाइल फोटो)
नामांकन प्रक्रिया के लिए अब महज दो दिन (सोमवार और मंगलवार) का समय बचा है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने अपने उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगा दी है, जिसकी आधिकारिक सूची रविवार शाम तक जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि बीजेपी की इस सूची में सोशल इंजीनियरिंग का खास ध्यान रखा जाएगा, जिसमें 2 ब्राह्मण, 1 दलित, 1 सवर्ण, 3 ओबीसी और 1 महिला उम्मीदवार को मौका दिया जा सकता है।
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चुनाव की घोषणा के साथ ही बीजेपी और सपा के बीच जबर्दस्त सियासी दांव-पेच देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में अपने एक बयान में दावा किया कि समाजवादी पार्टी के करीब 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। उन्होंने सपा के उस दावे पर तंज कसा, जिसमें विपक्ष बीजेपी को राज्यसभा चुनाव में 'सरप्राइज' देने की बात कह रहा था।
केशव मौर्य के इस दावे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी करारा जवाब दिया था। अखिलेश ने कहा था कि बीजेपी के कई विधायक खुद सपा के संपर्क में हैं, लेकिन चुनौती यह है कि इतने बड़े पैमाने पर आए नेताओं को पार्टी में कैसे समायोजित किया जाए। अखिलेश ने यह भी साफ किया कि आगामी चुनावों में उनकी पार्टी का पूरा फोकस किसानों के मुद्दों पर रहेगा।
बता दें कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहा यह राज्यसभा चुनाव दोनों ही दलों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। बीजेपी जहां सरकार विरोधी लहर (Anti-Incumbency) की चुनौतियों से निपटने की कोशिश में है, वहीं अखिलेश यादव इस चुनाव के जरिए बड़ा सियासी उलटफेर करने की ताक में हैं।
