योगी सरकार का बड़ा हेल्थ मिशन, यूपी में एआई तकनीक से लैस फ्री एक्स-रे, एमआरआई और मैमोग्राफी सेवाओं का रास्ता हुआ साफ

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुए नए समझौते के तहत प्रदेश में एआई-सक्षम अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे लोगों को मुफ्त और बेहतर जांच सुविधाएं मिलेंगी।

UP News: योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने क दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यूपी के लोगों को अत्याधुनिक और फ्री डायग्नोस्टिक सुविधाएं दिलाने के लक्ष्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के बीच प्रधानमंत्री निधि के तहत एआई-सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन, 1.5 टेस्ला एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी टोमोसिंथेसिस (डीबीटी) मशीनों की आपूर्ति, स्थापना एवं संचालन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

Uttar Pradesh AI Healthcare Initiative

योगी सरकार का हेल्थ सेक्टर में मेगा प्लान (प्रतीकात्मक फोटो)

जून 2026 से मार्च 2036 तक प्रभावी रहेगा समझौता

बता दें कि यह समझौता जून 2026 से मार्च 2036 तक प्रभावी रहेगा। इससे प्रदेश के नागरिकों, खासतौर से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके पास ही आधुनिक रेडियोलॉजी और इमेजिंग सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव होगी, उपचार में होने वाली देरी कम होगी तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि यह पहल उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित आधुनिक इमेजिंग तकनीक के उपयोग से कैंसर, क्षय रोग (टीबी), हृदय रोग सहित अन्य गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) का प्रारंभिक चरण में सटीक निदान संभव हो सकेगा। समय पर बीमारी की पहचान होने से मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी होगा और मृत्यु दर में कमी लाने में भी सहायता मिलेगी।

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