Ujjain Shahi Masjid: मध्य प्रदेश के उज्जैन में ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने का काम जारी रहेगा। मस्जिद समिति के एक सदस्य ने इस बात की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 के मद्देनजर चलाए जा रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट का सम्मान करता है और इसमें पूरा सहयोग कर रहा है। 'नुमाइंदा कमेटी' के सदस्य फहीम सिकंदर ने जानकारी दी कि स्थानीय प्रशासन, शहर काजी और मस्जिद समिति के पदाधिकारियों के बीच गहन चर्चा के बाद शांतिपूर्ण तरीके से मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने पर सहमति बनी है।
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद
मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के लिए काम फिर शुरू हो गया है हालांकि फिलहाल उसे हटाने के लिए एक स्ट्रक्चर खडा किया जा रहा है। इसी के जरिए अब आगे का काम किया जाएगा। कुछ इंजीनियर्स और सीनियर कांट्रैक्टर मस्जिद पहुंचे हैं।
क्यों भड़की थी हिंसा?
सिकंदर ने बताया कि रविवार रात मस्जिद का हिस्सा हटाने का फैसला सभी लोगों तक समय पर नहीं पहुंच सका था, जिसके कारण भ्रम की स्थिति बनी। इसके चलते सोमवार को क्षेत्र में तनाव फैल गया था और असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव भी किया गया। वरिष्ठ सदस्यों द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद मामला शांत हुआ। प्रशासन द्वारा मशीनें न लाने पर समुदाय के लोगों ने खुद ही मस्जिद की प्रभावित दीवार को हटाना शुरू कर दिया।
7 से 8 दिन का समय लगेगा
मस्जिद के हिस्से को सुरक्षित तरीके से हटाने के कार्य में 7 से 8 दिनों का समय लग सकता है। जरूरत पड़ने पर मशीनों का उपयोग भी किया जाएगा। सोमवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ (जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई) ने शाही मस्जिद से जुड़ी दो रिट अपीलों को निपटा दिया। कोर्ट को सूचित किया गया कि उज्जैन नगर निगम और शाही मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच दीवार हटाने को लेकर समझौता हो चुका है।
कितना हिस्सा हटाया जाएगा
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि उज्जैन नगर निगम द्वारा दी गई गारंटी और अंतरिम नोटिस नगर निकाय पर बाध्यकारी होंगे तथा दोनों पक्षों को इस समझौते का पालन करना होगा। मुस्लिम पक्ष के वकील कुलदीप पाठक के अनुसार, प्रशासन पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का लगभग 9.5 फीट हिस्सा हटाना चाहता था, लेकिन आपसी समझौते के बाद अब केवल लगभग 3 फीट हिस्सा ही हटाया जाएगा।
सोमवार को हुआ था पथराव
बता दें कि सोमवार को सड़क चौड़ीकरण के तहत मस्जिद का हिस्सा ढहाने की खबरों के बाद उज्जैन में स्थिति अचानक बिगड़ गई थी। प्रदर्शन कर रही भीड़ द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। हालांकि, प्रशासनिक बातचीत और हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।
