UCC in Uttarakhand: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को घोषणा की है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जनवरी 2025 से लागू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संहिता के प्रावधानों को लागू करने के लिए कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए और साथ ही सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएं।
उत्तराखंड में जनवरी 2025 से लागू होगी UCC
समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य
धामी ने कहा, "उत्तराखंड आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनेगा। हमने इस दिशा में कई महीनों से काम किया है।" उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि समान नागरिक संहिता के माध्यम से राज्य में सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान किए जाएं।
जनता की सुविधा का रखा जाएगा पूरा ध्यान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि आम जनता को समान नागरिक संहिता के बारे में पूरी जानकारी हो। इसके लिए अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए आम जनता की सुविधा का ध्यान रखा जाए।
UCC का प्राविधान संविधान के अनुच्छेद 44 में स्पष्ट
हाल ही में सीएम धामी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि यूसीसी किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है, UCC ना हमारे देश में रहने वाले मुस्लिमों के खिलाफ है ना ही वो ईसाइयों के खिलाफ है। सीएम धामी ने कहा कि UCC का प्राविधान संविधान के अनुच्छेद 44 में स्पष्ट रूप से किया गया है। भारत के संविधान के निर्माण के समय सबके एकमत ना हो पाने के कारण उस समय UCC की व्यवस्था नहीं हो पाई।
सीएम धामी ने कहा उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य भूमि है
सीएम धामी ने कहा कि हम जो उत्तराखंड में UCC का विधयेक बना रहे है उसके पीछे जनता का बहुमत है, जो हमें उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने दिया है। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य भूमि है। प्रदेश के हर परिवार से कोई ना कोई सेना में है, अर्धसैनिक बल में है। हर परिवार से कोई ना कोई देश की सेवा कर रहा है।
सीएम धामी ने कहा UCC आधी आबादी का पूरा कानून है
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में रहने वाले हर किसी के लिए फिर चाहे वो किसी जाति का हो, किसी पंथ का हो, किसी धर्म का हो हम सभी के लिए एक समान कानून लायेंगे। सीएम धामी ने कहा कि UCC आधी आबादी का पूरा कानून है। ये महिला सशक्तीकरण और सुरक्षा का कानून है।
