समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह के साल 2029 से पहले NDA शासित सभी राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बाद RJD नेता भाई वीरेंद्र ने JDU से भाजपा के नेतृत्व वाले NDA से अलग होने की अपील की है।
भाई वीरेंद्र।
महागठबंधन में वापस आ जाएं नीतीश और निशांत
भाई वीरेंद्र ने बुधवार को UCC को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट है कि भाजपा के पास महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का कोई समाधान नहीं है, जिसके कारण हाल के दिनों में जेनरेशन जेड के लोग सड़कों पर उतर आए थे। इसलिए, यह लोग यूसीसी जैसी भ्रामक रणनीति अपना रहा है, जिसका उद्देश्य मुसलमानों को निशाना बनाना है। हमारी पार्टी हमेशा से समान नागरिक संहिता के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि RJD की इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट है और पार्टी बिहार में UCC लागू करने का विरोध करेगी।
जदयू की वैचारिक जड़ें समाजवादी आंदोलन से जुड़ी
मनेर से RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि जदयू की वैचारिक जड़ें समाजवादी आंदोलन से जुड़ी रही हैं। पार्टी के कुछ नेताओं के ऐसे बयान आए हैं जिनसे पता चलता है कि पार्टी यूसीसी के खिलाफ थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी JDU के किसी नेता से इस संबंध में बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उनका बयान व्यक्तिगत संपर्क के आधार पर नहीं, बल्कि वैचारिक और राजनीतिक मुद्दे को देखते हुए है।UCC पर JDU का रुख क्या है?
अमित शाह के बयान के बाद JDU ने UCC के मुद्दे पर फिलहाल सावधानी वाला रुख अपनाया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि पार्टी विधेयक के प्रावधानों का अध्ययन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रावधान आपत्तिजनक नहीं हुए तो केवल विरोध के लिए विरोध नहीं किया जाएगा।इसके अलावा, जेडीयू के कुछ नेताओं, जिनमें पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक और नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार शामिल हैं, ने कहा है कि पार्टी का रुख नीतीश कुमार के अतीत के रुख के अनुरूप होगा। जब उन्होंने कहा था कि हम संसद में यूसीसी विधेयक का समर्थन करेंगे लेकिन बिहार में इसके कार्यान्वयन का विरोध करेंगे।
तेजस्वी को लेकर RJD का रुख साफ
वहीं, जब भाई वीरेंद्र से यह भी पूछा गया कि अगर जदयू महागठबंधन में वापस आ जाता है तो क्या वह निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनने देने के लिए सहमत होंगे, क्योंकि जेडीयू के पास आरजेडी के 25 विधायकों के मुकाबले 85 विधायक हैं। इस पर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यह सवाल ही नहीं उठता। हमारी पार्टी के साथ जब भी सरकार बनेगी, तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री होंगे।
