Jhunjhunu Gang War: राजस्थान के झुंझुनू जिले में शुक्रवार को हुई कथित गैंगवार में एक हिस्ट्रीशीटर सहित दो बदमाशों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह घटना नवलगढ़ के गोठड़ा थाना क्षेत्र स्थित खिरोड़ गांव के पास हुई। झुंझुनू के पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय ने बताया कि घटना में हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ रविकांत उर्फ गोलू स्वामी और सुनील सुंडा मारे गए। इस मामले में पुलिस ने कृष्णकांत के दो साथियों को दबोचा है।
झुंझुनू में गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर सहित दो बदमाशों की मौत
झुंझुनू में गैंगवार
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह घटना दो आपराधिक गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। उपाध्याय ने बताया कि कृष्णकांत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुनील सुंडा की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आरोपियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर को मारने के लिए आए बदमाश फरार हो गए। दरअसल, शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे गोठड़ा थाने के हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा के मकान में एक कार में सवार होकर हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत तीन अन्य साथियों के साथ पहुंचा, जहां उसने रविंद्र कटेवा पर पिस्तौल तान दी और फायरिंग की, लेकिन रविंद्र कटेवा बच गया। इसके बाद कृष्णकांत अपने साथियों के साथ मौके से भागने लगा। ऐसे में रविंद्र कटेवा का साथी सुनील सुंडा ने कृष्णकांत को रोकने की कोशिश, लेकिन कृष्णकांत और उसके साथियों ने फायरिंग की जिसमें सुनील सुंडा घायल हो गया।
जब एक-दूसरे को हिस्ट्रीशीटर्स ने घेरा
सुनील सुंडा को गोली मारने के बाद कृष्णाकांत और उसके साथी मौके से भाग निकले, लेकिन जल्दबाजी में कच्चे रास्ते पर चले गए और आगे जाकर उन्हें गाड़ी छोड़नी पड़ी और पैदल भागने की कोशिश करने लगे। इस दौरान तुर्काणी जोहड़ी के पास रविंद्र कटेवा और उसके साथियों ने कृष्णकांत को घेर लिया, जहां पर दोनों तरफ से गोलियां चलीं।
रविंद्र कटेवा फरार
घटना के बाद हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा फरार है। इस मामले में पुलिस ने कृष्णकांत के दो साथियों को दबोच लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस फायरिंग और हत्याओं के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही मामले में पर्दे के पीछे अन्य बदमाश भी हो सकते हैं? इस दिशा में भी पड़ताल जारी है।
