बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव आज पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली प्रस्थान करने से पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने राज्य के कई मुद्दों पर सम्राट सरकार को आड़े हाथों लिया। खासकर भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते तेजस्वी यादव
"यह सिर्फ दिखावे की कार्रवाई है"
भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के मामले पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने इसे पूरी तरह 'फर्जी एनकाउंटर' करार दिया था। आज उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे मामले में हो रही कार्रवाई महज एक दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस केस में नामजद मुख्य आरोपी को DSP बना दिया गया है। तेजस्वी ने सीधे तौर पर प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों और दोषी अधिकारियों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि आम जनता के लिए ठोस कार्रवाई और सुनवाई गायब है।
सीएम और बड़े अधिकारियों पर साधा सीधा निशाना
तेजस्वी यादव ने अपनी बातचीत में गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी घेरे में लिया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में प्रशासनिक मशीनरी मुख्यमंत्री की सहमति के बिना कोई फैसला लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। नेता प्रतिपक्ष ने एक बड़ा सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि पुलिस महकमे के बड़े अधिकारियों के मैसेज और रजामंदी के बाद ही इस एनकाउंटर की पटकथा लिखी गई और कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
जेल और मुख्यमंत्री पद वाले सवाल पर साधी चुप्पी
बातचीत के दौरान जब एक पत्रकार ने तेजस्वी यादव से राजनीतिक गलियारों में तैर रहा सवाल पूछा "अगर कोई व्यक्ति 30 दिन तक जेल में रहता है, तो क्या वह मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बन सकता है?" इस सीधे और तीखे सवाल पर तेजस्वी यादव पूरी तरह असहज नजर आए। उन्होंने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और पूरी तरह चुप्पी साधते हुए वहां से आगे बढ़ गए।
