Tejashwi Yadav on Bihar Crime: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर बृहस्पतिवार को सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पुलिस अब रक्षक के बजाय 'शिकारी' बन गई है। तेजस्वी यादव ने मधुबनी जाने के दौरान दरभंगा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में राज्य सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ में एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) की कथित गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत के मामले का जिक्र करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
तेजस्वी यादव (फोटो साभार- @yadavtejashwi)
ASI की गोली से शख्स की मौत
गौरतलब है कि मंगलवार को मधुबनी जिले में एक एएसआई ने अपनी सरकारी पिस्तौल से कथित तौर पर गोली चला दी थी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। इसे लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में स्थिति इतनी खराब हो गई है कि लोग अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के अक्षम और अपराधों से दागदार मुख्यमंत्री को जनहित में गांवों और सड़कों पर चेतावनी बोर्ड लगवा देने चाहिए, जिन पर लिखा हो कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदार हैं। दमनकारी बिहार पुलिस से न्याय मांगने वाले ऐसा अपने जोखिम पर करें, क्योंकि सात हत्या के मामलों का सामना कर रहे मुख्यमंत्री के सत्ता संभालने के बाद पुलिस बल का चरित्र पूरी तरह आपराधिक हो गया है।
'जनता अपनी जान की खुद जिम्मेदार'
तेजस्वी यादव ने एक्स पर ट्वीट में लिखा, "जनहित में बिहार के हर गांव, टोले, गली और मोहल्ले में अस्वीकृत, निकम्मे और अपराधी प्रवृत्ति के मुख्यमंत्री के लिए बड़े वैधानिक चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए। जिन पर बड़े अक्षरों में यह संदेश लिखा हो कि जनता अपनी जान की खुद जिम्मेदार होगी। दमनकारी बिहार पुलिस से न्याय की उम्मीद करना अपने जोखिम पर होगा, क्योंकि जब से 7 हत्याओं के आरोपी मुख्यमंत्री सत्ता में आए हैं, तब से बिहार पुलिस एक कट्टर अपराधी बल में बदल गई है।"
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CM चौधरी पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की हालिया 'क्राइम और अपराध' संबंधी टिप्पणी का भी मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इसका उदाहरण हैं। उन्हें क्राइम और अपराध के बीच का अंतर तक नहीं पता है। यह हास्यास्पद है। तेजस्वी ने राजग की ओर से निकाली जा रही पदयात्रा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह 'वोट चोरी' में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश है। उन्होंने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी ऐसे लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
