लखनऊ : विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश करने वालों से ‘बजरंगियों’ को सतर्क रहने की जरूरत है। योगी ने कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर का विरोध करते थे, वे अब खुद को राम भक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना रामायण के पात्र कालनेमि से की और कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों को ऐसे तत्वों की पहचान करनी चाहिए, जो आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन की सफलता विश्व हिंदू परिषद की वैचारिक जीत है। उन्होंने अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए कहा कि 1990 में अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाए जाने के दौरान सिंघल ने तत्कालीन सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी। योगी ने कहा कि सिंघल ने दबाव के आगे झुकने के बजाय आंदोलन में अपनी भूमिका जारी रखी।
गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग
गाय के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग को लेकर ज्ञापन दे रहे हैं। योगी ने कहा कि गाय को केवल पशु के तौर पर देखने के बजाय उसके प्रति भारतीय समाज के सांस्कृतिक संबंध को समझना चाहिए और लोगों को गोपालन से जुड़ना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अतीत में सुप्रीम कोर्ट में राम और कृष्ण के अस्तित्व को लेकर हलफनामा दिया था और आरोप लगाया कि पार्टी लगातार हिंदू आस्था का अपमान करती रही है। इस दावे पर कांग्रेस की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि एक समय वहां परिक्रमा पर रोक लगाई जाती थी, जबकि अब उसी शहर में भव्य दीपोत्सव आयोजित होता है। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया और अयोध्या में सड़कों, बिजली, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं का विस्तार हुआ। उन्होंने अयोध्या में चार लेन की सड़कों और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी उल्लेख किया।
योगी ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन आंदोलन और अयोध्या को लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। वह विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख नेताओं में रहे और रामजन्मभूमि आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी जन्मशताब्दी के मौके पर 27 सितंबर से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
