कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के समर्थन के एक दिन बाद छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर विस्तृत प्रेस रिलीज जारी की है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई का विरोध प्रदर्शन के अधिकार से कोई लेना-देना नहीं है। SRFTI ने कहा, "हम स्पष्ट करते हैं कि कुछ छात्रों के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई दुर्व्यवहार, तोड़फोड़, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शारीरिक हमले की विशिष्ट घटनाओं से संबंधित है। इन कार्रवाइयों को छात्रों के विरोध के वैध अधिकार से जोड़ने का कोई भी प्रयास तथ्यों और उन विशिष्ट आधारों को गलत तरीके से पेश करना है, जिन पर कार्यवाही शुरू की गई थी।"
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (फोटो साभार- PTI)
डीन काउंसिल की सिफारिश पर हुई कार्रवाई
संस्थान के अनुसार, रस्टिकेशन और शो-कॉज नोटिस संस्थान के बायलॉज और छात्र आचरण के मानकों के स्पष्ट उल्लंघन के जवाब में जारी किए गए थे। अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश डीन काउंसिल ने की थी, जिसमें सभी विभागाध्यक्ष, डीन, रजिस्ट्रार और घटनाओं की जांच के लिए गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के सदस्य शामिल थे।
VC ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप
प्रेस रिलीज में बताया गया है कि जिन घटनाओं की समीक्षा की जा रही है, उनमें कुलपति के कार्यालय पर कब्जा और तोड़फोड़ शामिल है, जिसके फोटोग्राफिक साक्ष्य मौजूद हैं। 15 अक्टूबर 2026 की प्रेस रिलीज का हवाला देते हुए बताया गया कि कार्यालय को भारी नुकसान पहुंचा। खिड़कियों के शीशे टूटे, कांच टूटा, फर्नीचर क्षतिग्रस्त हुआ, जबकि पानी और एयर कंडीशनिंग लाइनों को जानबूझकर काट दिया गया। संस्थान ने यह भी आरोप लगाया कि एक छात्र ने कुलपति के साथ हाथापाई की, जबकि अन्य ने उनका घेराव किया, धमकाया और गाली-गलौज की। संस्थान ने कहा कि ऐसे कृत्य शांतिपूर्ण असहमति से कहीं आगे हैं और संस्थागत अनुशासन का गंभीर उल्लंघन हैं।
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13 नवंबर तक एकेडमिक गतिविधियां सस्पेंड
SRFTI ने यह भी बताया कि फिल्म और इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल मीडिया विंग में शैक्षणिक गतिविधियों को 13 नवंबर 2026 तक निलंबित कर दिया गया है और छात्रों को हॉस्टल सहित संस्थान परिसर को तय अवधि के भीतर खाली करने का निर्देश दिया गया था। सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए यह फैसला लिया गया था, लेकिन निर्देश के बावजूद कुछ छात्र अवैध रूप से परिसर में डटे हुए हैं। अंत में SRFTI ने कहा कि वह छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूरी तरह सम्मान करता है, लेकिन विरोध का अधिकार किसी को भी तोड़फोड़ और शारीरिक दुर्व्यवहार की जवाबदेही से छूट नहीं देता।
