फडणवीस-शिंदे को फंसाने की साजिश में अधिकारियों पर भारी दबाव, SIT की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

ठाणे नगर पुलिस के 2016 के एक मामले की दोबारा जांच में सामने आया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश रची गई थी। विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में इस साजिश में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। मामले ने राजनीतिक उठापटक भी बढ़ा दी है और कई नेताओं ने साजिश और जांच पर अपने विचार रखे हैं।

Maharashtra News: ठाणे नगर पुलिस द्वारा वर्ष 2016 में दर्ज एक मामले की दोबारा जांच में गंभीर खुलासा हुआ है कि तत्कालीन विपक्षी नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश रची गई थी। विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में इस साजिश के लिए तत्कालीन पुलिस महानिदेशक संजय पांडे, तत्कालीन उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटील और सहायक आयुक्त सरदार पाटील के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। यह रिपोर्ट राज्य की पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने अपनी सेवानिवृत्ति से पांच दिन पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को सौंप थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल के दौरान देवेंद्र फडणवीस को फंसाने के प्रयास तेज हुए और संजय पांडे के बाद मुंबई पुलिस आयुक्त तथा फिर डीजीपी बनने के बाद इन प्रयासों को और बल मिला।

SIT Report Reveals Conspiracy to Frame CM Fadnavis and Deputy CM Shinde in 2016 Thane Case

2016 के ठाणे केस में CM फडणवीस और डिप्टी CM शिंदे को फंसाने की साजिश का खुलासा

अधिकारियों पर भारी दबाव डाला गया

सूत्रों के अनुसार, SIT की जांच में यह सामने आया है कि ठाणे और मुंबई के साइबर पुलिस थानों में दर्ज मामलों में देवेंद्र फडणवीस को आरोपी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों पर भारी दबाव डाला गया। साल 2016 में ठाणे नगर पुलिस थाने में श्यामसुंदर अग्रवाल के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था, जो बिल्डर संजय पुनमिया और अग्रवाल के बीच साझेदारी विवाद से जुड़ा था। इस मामले में 2017 में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी थी, बावजूद इसके संजय पांडे ने मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए।

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