Jaunpur News: श्रमजीवी विस्फोट कांड के मामले में दो आतंकवादियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। 18 साल पहले श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में बम विस्फोट हुआ था। इस घटना में 14 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायधीश प्रथम राजेश कुमार राय ने बांग्लादेश निवासी हिलालुद्दीन उर्फ हिलाल और बंगाल निवासी नफीकुल विश्वास को फांसी की सजा दी है। साथ ही अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया गया है।
कोर्ट ने दो आतंकियों को दिया मृत्युदंड (फोटो साभार - ट्विटर)
2016 में दो आतंकियों को सुनाई गई फांसी की सजा
28 जुलाई 2005 को श्रमजीवी एक्सप्रेस में आतंकियों ने बम विस्फोट किया था। यह घटना सिंगरामऊ के हरपालगंज हिरहरपुर के पास हुई थी। जिसमें 14 लोग मारे गए थे और करीब 62 लोग घायल हुए थे। इस घटना की साजिश रचने वाला आतंकी ओबैदुर्रहमान था और बांग्लादेशी आतंकी रोनी उर्फ आलमगीर ने बम रखने का काम किया था। इन आतंकियों को 2016 में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। जिसके बाद इन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जो विचाराधीन है। इस मामले में अब दो अन्य आतंकियों को भी फांसी की सजा मिली है।
22 दिसंबर को हुए थे दोषी करार
बुधवार को 4 बजकर 15 मिनट पर दोनों आरोपियों को सजा सुनाई गई। इस दौरान न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा का इतंजाम था। दोनों को सजा सुनाने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के साथ जिला जेल के लिए ले जाया गया। दोनों आतंकियों को 22 दिसंबर को इस मामले में दोषी करार दिया गया था। जिसके बाद सजा सुनाने के लिए बुधवार की तारीख तय की गई थी।
