शिमला जिला परिषद पर वर्षों बाद BJP का कब्जा, कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा बोली- ये तो 2027 की शुरुआत है

हिमाचल के शिमला जिला परिषद में वर्षों बाद बीजेपी ने कब्जा कर लिया है। कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जीत के बाद भाजपा ने कहा है कि ये 2027 विधानसभा चुनाव की शुरुआत है।

कांग्रेस के गढ़ शिमला जिला में भाजपा ने करीब 25 वर्षों के बाद जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कर इतिहास बनाया है। गुरुवार को बचत भवन में आयोजित चुनाव में भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और निर्दलीय भरत सिंह कलान्टा उपाध्यक्ष पद पर चुने गए हैं।अध्यक्ष पद के लिए भूपेंद्र सिंह सिसोदिया को 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र रेटका को 10 मत प्राप्त हुए जबकि दो वोट इनवेलिड हुए। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भरत सिंह कलान्टा को 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की मीनाक्षी को 10 मत मिले और एक वोट रद्द हुआ।

शिमला जिला परिषद पर वर्षों बाद BJP का कब्जा, कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा बोली- ये तो 2027 की शुरुआत है

शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर वर्षों बाद भाजपा के काबिज होने पर भाजपा ने इसे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के खिलाफ जनादेश बताया है। सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि शिमला जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की सीट पर भाजपा कई वर्षों बाद काबिज हुई है। यह जीत बताती है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को शिमला जिले ने भी रिजेक्ट कर दिया है। यह 2027 चुनाव की शुरुआत है और भाजपा 2027 में सत्ता में काबिज होने वाली है।

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