​न इंजीनियर, न आर्किटेक्ट, राजमिस्त्री पर भरोसा... दिल्ली के सत्या निकेतन में क्यों गिरी PG बिल्डिंग? पुलिस रिपोर्ट में हुआ खुलासा​

दिल्ली के सत्या निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने के मामले में दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक बिल्डिंग के बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में बिना अनुमति ढांचागत बदलाव किए गए थे। निर्माण के लिए योग्य इंजीनियर या आर्किटेक्ट की जगह अयोग्य राजमिस्त्री ठेकेदार को लगाया गया।

दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग गिरने के मामले में दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। पुलिस की रिपोर्ट में हादसे से पहले बिल्डिंग में किए गए कथित अनधिकृत निर्माण और ढांचागत बदलावों को लेकर कई अहम खुलासे किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच लोग घायल हुए थे। मृतकों में पांच छात्र और दो मजदूर शामिल थे।

satya niketan building collapse

सत्या निकेतन PG हादसा: बिना अनुमति हुआ था निर्माण, राजमिस्त्री के भरोसे छोड़ दिया था ढांचा। PTI

पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि बिल्डिंग के बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में बिना जरूरी अनुमति के ढांचागत बदलाव किए गए थे। इन निर्माण कार्यों के लिए किसी सरकारी प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग मालिकों ने भी निर्माण और ढांचागत बदलाव के लिए किसी योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर या आर्किटेक्ट की सेवाएं नहीं लीं।

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