सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा मामूली घटना नहीं, 7 की मौत पर भड़का दिल्ली हाईकोर्ट; कहा- 'ये लापरवाही और आपराधिक कृत्य'

दिल्ली के सत्य निकेतन में 7 लोगों की मौत वाले बिल्डिंग हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि यह कोई आम घटना नहीं है, बल्कि लापरवाही और आपराधिक कृत्य है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सत्य निकेतन में हॉस्टल की कई मंज़िला बिल्डिंग का गिरना, जिसमें छात्रों समेत 7 लोगों की मौत हो गई, कोई मामूली हादसा नहीं था। चीफ़ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि जो चार छात्र मारे गए, वे अपना करियर बनाने की उम्मीद में छोटे शहरों से देश की राजधानी आए थे, लेकिन कुछ लोगों के 'लापरवाह और आपराधिक व्यवहार' के कारण उनके सपने 'टूट गए'।

satya niketan incident

दिल्ली का सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसा

कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, 'इस हादसे में चार छात्रों की जान चली गई... यह बहुत दुखद है। यह किसी मामूली हादसे जैसी घटना नहीं है। ये चारों छात्र छोटे शहरों से बहुत सारी उम्मीदों और सपनों के साथ राजधानी आए थे। (कुछ लोगों के) ऐसे लापरवाह और आपराधिक व्यवहार के कारण वे सब सपने टूट गए।'

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