हरियाणा में नगर निगम और नगरपालिका सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 14वें दिन भी जारी रही। आंदोलन लंबा खिंचने के साथ कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। साथ ही सोनीपत में प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा सरकार के मंत्री विपुल गोयल और सहकारिता मंत्री कृष्ण बेदी के पोस्टर चिपकाए और उसके साथ शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान बीन बजाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया गया।
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 14वें दिन भी जारी
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को 21 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर इस तारीख तक उनकी मानी गई मांगों को लागू करने के संबंध में सरकारी आदेश जारी नहीं किए गए तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन कर दिया जाएगा।
14 दिन से जारी है हड़ताल
बता दें कि सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 6 अगस्त से प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लगातार सरकार के सामने अपनी समस्याएं और मांगें रख रहे हैं, लेकिन समझौते के बावजूद उन्हें लागू करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में करीब 13 हजार पालिका रोल कर्मचारियों को नियमित करना, ठेका प्रथा खत्म करना, सफाई और सीवर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना और पहले से मानी जा चुकी मांगों को लागू करने के आदेश जारी करना शामिल है।
भेड़ के साथ निकाला जुलूस
सोनीपत में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए अलग तरीका अपनाया। एक भेड़ पर प्रदेश सरकार के मंत्री विपुल गोयल और सहकारिता मंत्री कृष्ण बेदी के पोस्टर लगाए गए। इसके बाद कर्मचारियों ने भेड़ के साथ शहर में जुलूस निकाला।
प्रदर्शन के दौरान बीन बजाई गई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कर्मचारियों का कहना था कि लगातार हड़ताल के बावजूद उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा है, इसलिए विरोध के अलग-अलग तरीकों के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा रही है।
13 मई के समझौते का हवाला
हरियाणा नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार के साथ 13 मई को हुई बैठक में कर्मचारियों की 17 मांगों पर सहमति बनी थी। बैठक की अध्यक्षता शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने की थी। कर्मचारी नेता के मुताबिक, बैठक में सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों के नियमितीकरण, सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, रणवीर और भावी चंद्र शर्मा के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के सदस्यों को पक्की नौकरी देने सहित कई मांगों पर सहमति बनी थी।शास्त्री का कहना है कि बैठक में सरकार की ओर से 30 जून तक मानी गई मांगों के संबंध में जरूरी पत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी नहीं किए गए।
‘सरकार ने दोबारा हड़ताल के लिए मजबूर किया’
नरेश कुमार शास्त्री ने आरोप लगाया कि मई में समझौता होने के बावजूद सरकार की ओर से मांगों को लागू नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। कर्मचारी नेताओं ने साफ किया है कि आंदोलन का उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं है। वे चाहते हैं कि सरकार 13 मई को हुए समझौते का सम्मान करे और मानी गई मांगों को जल्द लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी करे।
