ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट पर ताजा अपडेट - जानें कितना हो गया काम, कितनी सुरंगें बननी अभी बाकी

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन परियोजना उत्तराखंड की पहाड़ियों में पहली बार रेल पहुंचाने की ऐतिहासिक पहल है। यह 125 किमी लंबी रेललाइन 5 जिलों से होकर गुजरेगी और रेलवे लाइन मुख्यतः सुरंगों से होकर गुजरेगी। अब तक 13 मुख्य और 9 एस्केप सुरंगें पूरी हो चुकी हैं।

उत्तराखंड के पहाड़ों में लोगों को देश की आजादी के बाद से ही रेल का इंतजार है। अंग्रेजों के समय पर तराई के इलाकों में जहां तक रेलवे लाइन बिछाई गई थी, वहां से आगे ट्रेन कभी बढ़ी ही नहीं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी उत्तराखंड के कई लोगों ने ट्रेन देखी तक नहीं है, क्योंकि नीति निर्माताओं ने पहाड़ों में ट्रेन चलाने के बारे में सोचा ही नहीं। आखिर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन से उम्मीदें जागी हैं। इस रेल परियोजना को उत्तराखंड के लिए काफी अहम माना जा रहा है और इस पर काम भी तेजी से चल रहा है। चलिए जानते हैं इस रेल प्रोजेक्ट की अहम प्रोग्रेस के बारे में।

Rishikesh-Karnprayag Railway Line AI

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर तेजी से चल रहा है काम (फोटो - AI)

भारतीय रेलवे के लिए उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन काफी चुनौतीपूर्ण परियोजना होने के साथ ही प्रतिष्ठित भी है। यह परियोजना पूरी तरह से उत्तराखंड में है और हिमालय की कठिन भौगोलिक स्थितियों से गुजरती है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव ने की उम्मीद है।

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