Ram Mandir News : देश और दुनिया के करोड़ों रामभक्तों का इंतजार अब बस खत्म ही होने वाला है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर आकार ले चुका है, तारीख भी तय है, मुख्य अतिथि भी तय हैं और तैयारियां भी पूरी हैं। केवल इंतजार रामलला की एक झलक पाने का है। दरअसल, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जनवरी 2024 में प्रस्तावित है। मंदिर की सुरक्षा व्यवथा को देखते हुए विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) की पहली टीम रामनगरी पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि टीम के 280 जवान श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। इन सभी जवानों को पुलिस लाइन में ठहराया गया है।
अयोध्या श्रीराम मंदिर।
ट्रेनिंग के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
क्षेत्राधिकारी अयोध्या एसपी गौतम ने सभी जवानों का पुलिस लाइन में स्वागत किया। वहीं, पुलिस अधीक्षक गौतम ने बताया कि इन जवानों को सबसे पहले 10 दिनों तक स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी और फिर उसके बाद ही तैनाती दी जाएगी। टीम के सारे सदस्य पीएसी जवानों के साथ समन्वय बिठाकर श्रीरामजन्मभूमि के आंतरिक परिसर और बाहर के प्रांगण में सुरक्षा व्यवस्था को संभालेंगे। रामनगरी को कुल छह कंपनी एसएसएफ की मिलनी है। हालांकि ये पहला चरण है जिसमें तीन कंपनियां मिल गई हैं। बता दें कि, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी आना है, इसके लिए भी सुरक्षा इंतजाम कड़े किए जा रहे हैं।
रामलला की विशाल प्रतिमा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने मंदिर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा है कि, 'श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा 51 इंच लंबी होगी। इसमें प्रभु का बालरूप में दर्शन होगा। खास बात ये है कि, रामलला की प्रतिमा को बालक के रूप में गर्भगृह में बने चबूतरे के ऊपर कमल पर प्रतिष्ठित कराया जाएगा। वहीं, प्राण प्रतिष्ठा के संबंध में पीएम मोदी से बात की जाएगी।'
एक साथ इतने भक्तों को दर्शन
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, रामलला के दर्शन 25 हजार लोग एक साथ्ज्ञ कर पाएंगे। मंदिर में बिजली, पानी, लॉकर और भक्तों के बैठने की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी। इसके अलावा शौचालय और तीर्थयात्री सेवा केंद्र व चिकित्सालय भी बनेंगे। ये सभी सेवाएं भक्तों के लिए पूरी तरह से नि:शुल्क होंगी और आरती-दर्शन का भी कोई शुल्क नहीं लगेगा।
