Rajasthan Petrol Pump Closed: राजस्थान पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा ईंधन की बढ़ती कीमतों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों को बंद करने की घोषणा की गई है। एसोसिएशन द्वारा 48 घंटे तक 'नो परचेज़, नो सेल' के टैग के साथ हड़ताल का ऐलान किया है। नो परचेज़, नो सेल' हड़ताल के दौरान पेट्रोल पंप के मालिक और कर्मचारी किसी भी प्रकार के ईंधन की खरीद और बिक्री नहीं करेंगे। इस हड़ताल की शुरुआत रविवार सुबह 6 बजे से हो गई है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डिजल मिलने के इंतजार में लंबी लगती जा रही है।
राजस्थान पेट्रोल पंप बंद
बता दें कि रविवार को पेट्रोल पंप बंद करने के बाद राजस्थान पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन सोमवार को एक अतिरिक्त प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। एसोसिएशन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों की ओर सरकार का ध्यान खींचना है। उन्होंने ये भी बताया कि पेट्रोल की कीमत राज्य का बड़ा मुद्दा है। इस हड़ताल के माध्यम से सरकार से ईंधन पर लगने वाले वैट को कम करने की मांग भी की जा रही है।
क्या है हड़ताल का कारण
राजस्थान पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने रविवार सुबह 6 बजे से प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों के अगले 48 घंटे तक बंद रहने की घोषणा की है। लगातार बढ़ रहे वैट से पेट्रोल पंप के संचालकों को घाटा हो रहा है। इस घाटे को ध्यान में रखते हुए वैट को कम करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में पेट्रोल महंगा है।
वैट कम करने की मांग के साथ संचालकों की दूसरी मांग डीलर्स का कमीशन है। उनका कहना है कि करीब 7 सालों से डीलर्स का कमीशन नहीं बढ़ा है, जिसके कारण प्रदेश के कई पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर है। डीलरों के कमीशन पर बात करते हुए एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष (Treasurer) संदीप बगेरिया ने बताया कि करीब 33 प्रतिशत डीलर बंद होने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पेट्रोल की कीमतों पर अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक वैट है और इसकी कीमत कम करना आवश्यक है। पेट्रोल पर वैट की कीमत और कमीशन बढ़ाने को लेकर ही 'नो परचेज, नो सेल' की घोषणा करते हुए 48 घंटे तक प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
